एक अकेली पार्टी बीजेपी को हराने के लिए देश तमाम दल लगे हुए हैं. किस तरीके से वो भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से दूर करें या फिर सत्ता में ना आने दें, इसके लिए हर जतन कर रहे हैं. हाल ये है कि सालों से एक दूसरे के विरोध में रहे सपा और बसपा ने बीजेपी को हराने के लिए एक नाव की सवारी करना बेहतर समझा. राज्यसभा चुनाव में इस गठबंधन का सारा सच सामने आ गया. सपा और बसपा की एक ना चली, हालत तो ये रही कि सपा की तरफ से जया बच्चन तो राज्यसभा पहुंच गयी लेकिन बसपा को निराशा ही हाथ लगी. ऐसी निराशा में मुख्यमंत्री योगी ने एक ऐसी दहाड़ लगाई है जो मायावती और अखिलेश यादव की निराशा को और बढ़ा देगा.

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आजतक की एक खबर के मुताबिक 28 मार्च को CM योगी ने विपक्ष के गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि “विपक्ष अपनी सच्चाई को स्वीकार नही कर रहा है, जबकि सच ये है कि दोनों सर्कस के शेर हो गये हैं. आपने देखा होगा कि सर्कस के शेर एक दूसरे के जूठन पर पलते हैं और उसी में खुश रहते हैं, ये सोचकर कि उन्हें शिकार मिल रहा है.”

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अपराधियों की हालत पस्त कर देने वाले मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष को लताड़ लगाते हुए कहा कि “हमने बजट में गरीब परिवारों को 8 लाख 85 हजार आवास देने की बात की, और विपक्ष कहता है कि हमारा बजट विकास विरोधी है, आखिर ये विकास विरोधी कैसे हुआ ? हमने केंद्र सरकार की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया है. जिसमें सभी का विकास होगा.”

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योगी के इस तंज पर सपा-बसपा को मिर्ची लगनी तय है, फ़िलहाल इन दोनों पार्टियों का गठबंधन कितने दिनों तक चलता है ये तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन इतना तो तय ही है कि दोनों पार्टियां जनता के लिए नहीं बल्कि अपने स्वार्थ के लिए ही एक हुई हैं.