आज के दौर में लोग  शिरडी के साईबाबा की सबसे ज्यादा पूजा करते हैं.इनके बारे में कहा जाता है कि यह भारतीय गुरु और योगी थे जिसके कारण इन्होंने समाज के लोगों के बीच में ही समाधी ली थी. साई बाबा के बारे में यह भी सुना गया था कि यह मुसलमान है परंतु इस बात पर अभी भी जगह-जगह चर्चाएं होती रहती हैं. भारत के पश्चिमी भाग में मौजूद प्रांत महाराष्ट्र के शिरडी नाम का गांव इन्हीं के जन्मस्थान से जाना जाता है और इनका समाधि स्थल भी यही हैं, आपने शिरडी साईबाबा के बारे में सुना होगा, परंतु यहां मौजूद साई की मूर्ति  के बारे में एक बहुत बड़ा रात सामने आया है जिसे सुनकर सभी लोग हैरान रह जाएंगे..

 

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दरअसल जिस तरह से लोग सभी देवी देवताओं की पूजा करते हैं वैसे ही साईबाबा को भी लोग खूब पूजते हैं. शिरडी के साइबाबा के चमत्कार  के चर्चे पूरे देश में फेमस हैं. जानकारी के लिए आपको बता दें शिरडी में मौजूद साईबाबा की जो मूर्ति है वह संगे मरमर के पत्थर से बनी हुई है  इसी मूर्ति के साथ-साथ वहीं पर इनकी समाधि भी मौजूद है.

जानें साई बाबा की मूर्ति का सच

 

इस  मंदिर की मान्यता के बारे में बात करें तो  इस मंदिर की मान्यता  1954 से  की जा रही है, इस मंदिर में मौजूद मूर्ति में काफी बड़ा राज छुपा हुआ है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहा पर जो भी लोग सच्चे मन से आते हैं उन लोगों की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं. इस मूर्ति की सच्चाई के बारे में आपको बता दें इस मूर्ति को बनाने के मुंबई के बंदरगाह पर इटली से मार्बल को मंगवाया गया था लेकिन यह मार्बन कौन से पते से  मार्बल आया था या किस  इंसान ने इसे यहां तक पहुंचाया था इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है.

मूर्ति कलाकर ने बताई थी यह सच्चाई

जैसी ही इस मार्बल को मूर्ति कलाकार वसंत तालीम के पास भेजा तो वह सोच में पड़ गया कि इसकी मूर्ति किस तरह से बनाई जांए वह अपने सच्चे मन से साई बाबा का ध्यान कर रहा था,और हाथ जोड़कर बोला कि मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा मुझे शक्ति दो ताकि में इस मूर्ति को बना सकू, इसके बाद कहा जाता है कि स्वय साई बाबा उसके सामने आए थे और उनको देखकर उसने मूर्ति बनाई थी.

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बतां दे कि आज इस मूर्ति के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. यहां पर जाने वालों की संख्या करोड़ों से भी ज्यादा है. इस मूर्ति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे साई बाबा असल में हमारे सामने मोजूद हैं.