गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले छात्र प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान लगभग रोज़ ही चौंकाने वालीं बात सामने आ रही है और ये सभी खुलासे अपने-आप में बेहद ही हैरान कर देने वाले हैं. मामले में अबतक मिली जानकारी के अनुसार प्रद्युम्न को कंडक्टर ने वाशरूम में देखा जिसके बाद उसने मासूम प्रद्युम्न के साथ गलत करने की कोशिश की और आखिरकार जब वो उसमे नाकाम हुआ तो बौखलाए कंडक्टर ने मासूम को मौत के घाट उतार दिया.

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ऐसे में अब हुए एक नए खुलासे में बताया जा रहा है कि  केस की जांच के दौरान सितंबर में हरियाणा पुलिस की एक टीम मुंबई पहुंची थी, लेकिन ट्रस्टी पिंटो परिवार ने गलत पता बताकर पुलिस को चकमा दे दिया था. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम को जो पता बताया गया था, उस पर ट्रस्ट के सदस्य अगस्टाइन पिंटो, उनकी पत्नी ग्रेस पिंटो और उनके बेटे रयान पिंटो में से कोई नहीं मिला. इके साथ ही उनके पूर्व कांदिवली स्थित सेंट जेवियर्स एजुकेशनल ट्रस्ट के हेड ऑफिस पर और ना ही आवासीय पते पर कोई मौजूद था.

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ऐसे में इस मामले में आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी एक अनुसार पिंटो परिवार बांद्रा पश्चिम में अंबेडकर रोड के नजदीक एक प्रमुख आवासीय टॉवर के पॉश डुप्लेक्स अपार्टमेंट में रहता है, जो बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के घर के पास है. बताया जा रहा है कि इस इमारत में कई और बॉलीवुड हस्तियों और रयान इंटरनेशनल स्कूल के ट्रस्टियों से मिलने की मांग करने वाले सभी मेहमानों को भी सुरक्षा में लगे गार्डों द्वारा ठहराया जाता है. हालाँकि पिंटू परिवार की इस कदम पर लॉ चार्टर्ड फर्म के प्रमुख वकील विनोद तिवारी ने कहा कि, “कानून के मुताबिक, किसी भी शपथपत्र में गलत पता या फिर झूठा साक्ष्य प्रदान करने वाले किसी भी शख्स को गड़बड़ी के मामले में गंभीर कार्रवाई भुगतनी पड़ सकती है, क्योंकि यह न्याय के रास्ते पर रोक लगाता है.”

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