जैसा कि आप लोग जानते होंगे कि दिल्ली में सम-विषम (odd-evan) पर दिल्ली सरकार ने यू-टर्न ले लिया. इसके बाद दिल्ली सरकार को सोमवार को NGT के पास पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए पहुंचना था. माना जा रहा था कि इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार एनजीटी के खुलने के कुछ देर बाद ही पुनर्विचार याचिका लेकर वहां पहुँच जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

सुबह 11 बजे तक भी जब दिल्ली सरकार का कोई वकील या कोई नुमाइंदा ट्रिब्यूनल नहीं पहुंचा तो NGT ने केजरीवाल सरकार को फटकार लगा दी. एनजीटी ने सवाल उठाया कि आखिर अब तक दिल्ली सरकार पुनर्विचार याचिका लेकर क्यों NGT नहीं पहुंची है.

दिल्ली सरकार के रवैये को देखते हुए एनजीटी ने तल्ख़ टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या सरकार ने रिव्यू याचिका की बात केवल मीडिया को जानकारी देने के लिए कही थी क्योंकि अभी तक तो कोई पुनर्विचार याचिका आई नहीं है. एनजीटी ने कड़े लहेजे में दिल्ली सरकार से कहा कि, क्या सरकार पुनर्विचार याचिका लेकर आएगी या ये बयान सिर्फ प्रेस के लिए था ? हालांकि दिल्ली सरकार के पास आज का पूरा दिन है लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर भी उसके लापरवाही भरे कदम को देखकर पता चल जाता है कि वो कितनी गंभीर है.

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