देश के अजीम शायर मुनव्वर राणा को भला कौन नहीं जानता होगा? हाल ही में अवार्ड वापसी के बाद सुर्ख़ियों में आये मुनव्वर राणा हाल ही में अपने पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए थे| ऐसे में जब उनसे इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जो जवाब दिया वो हैरान कर देने वाला था|

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बता दें कि देश में जब पुरस्कार वापसी की होड़ मची थी, तब मुनव्वर राना भी अवार्ड वापसी करने वालों में शामिल थे। उनके अवार्ड वापसी करने से देश में मानो भूचाल सा आ गया था। हालाँकि वह देश के हालातों से नाराज थे लेकिन फिर वह प्रधानमंत्री मोदी से मिलने क्यों गए थे? यह सवाल उस वक्त बहुतों के मन में था। पर उसका जवाब मुनव्वर राना ने शाहजहांपुर में आकर दिया।

गौरतलब है कि मुनव्वर राणा ने एक न्यूज चैनल पर लाइव कार्यक्रम के दौरान अपना सम्मान वापस लौटा दिया था।

 

अवार्ड वापसी और पीएम मोदी से मुलाकात का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अवार्ड वापस करने के बाद वह इसलिए मोदी से मिलने गए, क्योंकि वह मोदी की मोहब्बत के कर्जदार थे|

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मुनव्वर राना ने आगे बताया कि अवार्ड वापस करना मेरे गुस्से का इजहार था, लेकिन मेरी मां के इंतकाल पर पीएम मोदी ने अपने हाथ से लिखकर सांत्वना खत भेजा था। उनकी इस मोहब्बत का कर्जदार बन गया हूं मैं और यही सोचकर उनसे मुलाकात के लिए गया।

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यही नही हमेशा मां के लिए शायरी लिखने वाले मुनव्वर राना ने मंदिर-मस्जिद प्रकरण पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आस्था के फैसले अदालतों में नहीं होते। मुल्क साम्प्रदायिकता के गड्ढे में जाने लगा है, यह खतरनाक स्थिति है। उन्होंने उर्दू जुबान की बदहाली पर कहा कि जब कोई भाषा हुकूमत की मदद का इंतजार करने लगे तो उसका अंजाम भी वही होता है, जो सरकारी अस्पताल में गरीब मरीज का होता है।