योगी आदित्यनाथ जबसे यूपी के सीएम बने तबसे उन्होंने यूपी को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए हर वो कदम उठाया है जिससे इस पर नकेल कसी जा सके. सीएम योगी की राह पर चलकर यूपी के डीएम ने भी कुछ ऐसा किया जिसको पढ़कर आपको भी उन पर गर्व होगा. यूपी के फर्रूखाबाद जिले के डीएम रविंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला. जब रविंद्र कुमार अपने 576 सरकारी कर्मचारियों को जेल लेकर गए.

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आपको बता दें कि सीएम योगी ने यूपी के लिए फैसले भी नये-नये लिए और देश की बेहतरी के लिए कड़े कदम भी उठाये. जिस तरीके से सीएम योगी यूपी के लिए काम कर रहे है उससे तो लगता है वो पीएम मोदी के सपनों को सच करने में लगे हुए है. सीएम योगी की राह पर चलकर यूपी के डीएम ने जो किया उसके बाद उनके साथ काम करने वाले कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर सचेत हो गए है.

आगे पढ़ें सीएम योगी के फरमान पर यूपी के डीएम ने अपने कर्मचारियों के साथ किया 

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए यूपी के फर्रूखाबाद जिले के डीएम रविंद्र कुमार ने जिले के 576 सरकारी कर्मचारियों को एक दिन के पर्यटन के लिए बुलाया और उन्हें जिला कारागार ले गए. जहां पर उन कर्मचारियों को खूंखार कैदियों से रूबरू कराने ले गए थे जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सजा हो चुकी है. रविंद्र कुमार चाहते थे कि भ्रष्टाचार से बाज नहीं आने वाले कर्मचारी अपना भविष्य देख लें. क्योंकि आने वाले वक्त में अगर वो नहीं संभले तो उनके सात भी ऐसा ही होगा.

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एक बड़ी न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक डीएम ने बताया “मैंने हाल ही में छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया था.” मैं सरकारी कर्मचारियों को कड़ा संदेश देना चाहता हूं कि अगर उन्होंने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो उन्हें भी जेल में सजा काट रहे पूर्व सरकारी कर्मचारियों जैसी स्थिति से गुजरना पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी ने ये कवायद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति को साफ करने के लिए किया था.