गुरुवार को श्रीनगर में  जहाँ इंसानों का एक हुज़ूम मस्जिद के अंदर अल्लाह से अपनी दुआ क़ुबूल कराने में जुटा था वहीँ मस्जिद के बाहर कुछ उपद्रवियों ने अल्लाह के एक नेक बंदे को अल्लाह के पास ही भेजने की तैयारी पूरी कर ली थी|  इधर मस्जिद से अल्लाह की इबादत का शोर था तो उधर गुस्साई भीड़ से खुद की जान की भीख मांगता एक शख्स जो भीड़ का गुस्सा झेल कर अब अपने आखिरी पल गिन रहा था|  इबादत में मशगूल लोगों ने श्रीनगर के डीएसपी अयूब की चीखें सुनी नहीं या शायद उन्होंने सुननी ही नहीं चाही|  गुस्साई भीड़ की मार झेल चुके डीएसपी आयूब अब मौत के आगे घुटने टेक चुके थे|

source

भीड़ के गुस्से का शिकार हुए मोहम्मद अयूब 

अपने बेटे को खो चुके श्रीनगर के इस घर में मातम पसरा हुआ है| जहाँ पूरा देश सभी ईद की खुशियों में मशगूल है वहीँ दूसरी तरफ डीएसपी मोहम्मद अयूब के परिवार वाले ये नहीं समझ पा रहे हैं कि इस बार वो अल्लाह से क्या ही मांगे? जो उनका था वो तो अल्लाह ने पहले ही उनसे छीन लिया|  गुरुवार को जामिया मस्जिद के सामने डीएसपी मोहम्मद अयूब के साथ उस हैवानी भीड़ ने जो किया उसे शायद ही कभी कोई भूल पाए|

source

…फोन पर पता चला कि अब नहीं रहे डीएसपी मोहम्मद अयूब

जिस वक़्त डीएसपी अयूब के साथ ये घटना हुई उस वक़्त वो अपनी नौकरी कर रहे थे| हादसे का जिक्र करते हुए शहीद अयूब के बड़े भाई ने बताया कि हादसे वाली शाम अयूब को फोन पर निर्देश दिया गया कि वो तुरंत ही जामिया मस्ज़िद में ड्यूटी पर पहुंचे| निर्देश मिलते ही अयूब मस्जिद की ओर निकल गए| लगभग आधी रात का समय हुआ था जब शहीद अयूब के परिवार में एक और फोन आया  जिसपर फोन करने वाले ने अयूब के बारे में पूछा कि वो घर पहुंचे या नहीं? इतना सुनना ही था कि परिवार सकते में आ गया| उन्होंने तुरंत ही शहीद अयूब को फोन मिलाने की कोशिश की लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला| कुछ समय बाद  एसपी नार्थ सज्जाद का फोन आया और उन्होंने बताया कि अयूब जख्मी हो गया है और इस समय पुलिस कंट्राल रूप में है| परिवार को इस बात की खबर मिलते ही वो अयूब से मिलने निकले तो लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।

source

शहीद डीएसपी मोहम्मद अयूब के परिवार ने कायम की मिसाल 

हैवानों के हाथ अपने जाबांज बेटे को खो चुके इस परिवार ने अपना बेटा ज़रूर खोया है लेकिन शहीद के परिवार ने  हिम्मत नहीं हारी है|  भले डीएसपी अयूब के जाने से घर में मातम का माहौल है, लेकिन डीएसपी के परिवार ने कहा, हम भारतीय हैं, टूटेंगे नहीं| शहीद अयूब की भतीजी का डीएसपी अयूब की शहादत पर रो-रो कर बुरा हाल था लेकिन उन्होंने इसी बीच कुछ ऐसा कह डाला जिसे सुनकर अलगाववादियों के मुंह पर ऐसा तमाचा पड़ा होगा जिसकी गूँज उन्हें सालों-साल सुनाई पड़ेगी|  शहीद अयूब की भतीजी का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसे देखकर शायद उन लोगों की नींद खुल जाये जो बिना किसी बुनियाद के भारत में अलगाववाद का ज़हर भरना चाहते हैं|

देखिये वीडियो:  

 

 

डीएसपी को मौत के घाट उतारा क्योंकि उनके नाम में ‘पंडित’ लिखा था

शब-ए-कद्र की रात में अलगाववादियों का गढ़ कहलाने वाले डाउन-टाउन के उस मस्जिद के सामने जो हुआ वो मानवता को शर्मसार करने के लिए मानो काफी नहीं था कि इसी मुद्दे पर हुए एक बड़े खुलासे ने रही-सही मानवता की आस का भी गला घोंट दिया|  शहीद अयूब की मौत के बात तरह-तरह की बातें सोशल मीडिया पर चली| उन्ही में से एक बात जो शहीद की मौत को और दुखद बनाती हैं वो ये कि डीएसपी अयूब  को लोगों के गुस्से का सामना इसलिए करना पड़ा क्योंकि उनकी वर्दी पर उनका नाम लिखा था. “एम. ए. पंडित|” किसने सोचा था कि जिस वर्दी ने, वर्दी पर जड़े सितारों ने, उस नेमप्लेट ने, जिसने आजतक डीएसपी अयूब को एक अलग पहचान दी थी आज वही उनकी मौत का सबब बन जायेगा? गुस्साई भीड़ ने उनके नाम में पंडित देखा और बिना कुछ सोचे समझे उन्हें मौत के मुंह में ले जाकर पटक दिया|