न्यायापालिका में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने वाले प्रशांत भूषण एक बार फिर विवाद में फंस गए हैं. उन्होंने ईद के मौके पर गंगा-जमुनी तहजीब को लेकर ऐसा ट्वीट कर दिया कि लोगों ने उनको आड़े हाथों ले लिया. प्रशांत भूषण ने ट्वीट तो ये सोचकर किया कि लोग उनके ट्वीट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे लेकिन हुआ इसका बिलकुल उल्टा लोगों ने उनके इस ट्वीट पर उन्हें घेर लिया.

 

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लोगों ने प्रशांत भूषण को कहा कि जो ज्ञान वो यहाँ बाँट रहे हैं वो उन आतंकवादियों को दें जो इंसानियत के खिलाफ हैं. लोगों ने कहा कि प्रशांत भूषण आतंकवादियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. आपको बता दें कि अपने ट्वीट में प्रशांत ने भगवान् कृष्ण की एक तस्वीर ट्वीट की थी और लिखा था कि ‘आज का धन्यवाद उस तहजीब को जहाँ कृष्ण दिखाए ईद का चाँद और कहे राम को इकबाल ‘हिन्दुस्तान का इमाम’.
प्रशांत भूषण के इस ट्वीट पर लोग भड़क पड़े और एक यूजर ने लिखा कि ‘भाड़ में गया तेरा तहजीब.’ वहीँ कुछ लोगों ने तर्क दिया कृष्ण युग में मुसलमान थे ही नहीं ये किसी सनकी सेक्युलर के मन की फालतू उपज है. कुछ यूजर ने तो प्रशांत भूषण के उस बयान पर भी चुटकी ले ली जिसमें उन्होंने कहा था कि भगवान कृष्ण इव टीज़र थे. ऐसे कई ट्विटर यूजर थे जिन्होंने प्रशांत भूषण को खरी-खोटी सुनाई.

एक ट्विटर यूजर ने प्रशांत भूषण के ट्वीट पर रीट्वीट करके लिखा कि भगवान् कृष्ण के दौर में मुस्लिम थे ही नहीं. ये सनकी सेक्युलर के दिमाग की उपज है.

एक यूजर ने लिखा, हमेशा हिन्दू ही ईद को और अल्लाह और मोहम्मद की बड़ाई क्यों करते हैं ? कभी किसी इमाम या मुस्लिम लीडर को हमारे धर्म की बड़ाई करते देखा है? सोचो..

एक यूजर ने तो यहाँ तक कह दिया कि इस तहजीब को उन्हीं लोगों से खतरा है जो दुश्मनों को बचाने की कोशिश करते हैं.

इससे पहले भी प्रशांत भूषण ने हद पार करते हुए कृष्ण भगवान् को लेकर ऐसा ही आपत्तिजनक ट्वीट किया था. उन्होंने भगवान कृष्ण पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि कृष्ण भगवान् सबसे बड़े ईव-टीजर थे. उनके इस ट्वीट पर भी काफी हंगामा हुआ था.