अमेरिका में ट्रम्प सरकार आने के बाद विदेशियों को वहां जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ओबामा प्रशासन में चीजें जितनी आसन थी वो अब उतनी ही पेचीदा हो गई हैं. अब अमेरिका जाने के लिए लोगों को काफी मसकत करनी पड़ रही है. इसका बड़ा कारण है आतंकवाद और अमेरिका में बढ़ती विदेशियों की जनसंख्या. हालांकि भारत से अमेरिका के रिश्ते अच्छे हैं फिर भी भारतीयों के लिए भी वहां जाना और बसना आसान नहीं रह गया है.

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भारत के नागरिकों को एच-1बी वीजा में खासी दिक्कतें आ रही हैं और वहां के दीर्घकालिक वीजा के लिए तो 10 साल से भी अधिक लंबे समय का इंतजार करना पड़ेगा. ऐसे में अमेरिका के एक वकील ने एक तरकीब निकाली है. ये वकील आव्रजन मामलों के विशेषज्ञ हैं इन्होंने सलाह दी है कि ग्रीन कार्ड हासिल करने की आकांक्षा रखने वाले भारतीय परिवारों को ईबी -5 वीजा पर दाव लगाना चाहिए.

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वकील वान डे किर्बी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि, ‘उद्यमशील भारतीयों के लिए ईबी-5 वीजा सबसे अच्छा है बशर्ते वे अमेरिका में एक न्यूनतम निवेश करने को तैयार हों. इससे उन्हें उनके पति अथवा पत्नी तथा 21 वर्ष से कम के बच्चों के लिए ग्रीन कार्ड मिल सकता है.’ वान डे किर्बी की विधि सेवा कंपनी ईबी-5 वीजा से संबंधित 1300 मामलों को देख चुकी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में निवेश करने वालों को ईबी-5 वीजा देने का कार्यक्रम आगामी 30 सितंबर को खत्म होने वाला है. इससे पहले इसके लिए आवेदक अब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.