भारत ने चीन से 1962 की हार का बदला 5 साल बाद ही ले लिया था, जानिए भारत की जीत का अनसुना इतिहास !

इन दिनों चीन के बॉर्डर पर लगातार टेंशन चल रही है और इसी बीच चाइना ने भारतीय सेना पर हमला भी किया है.हाल ही में एक खबर आई थी कि चीनी मीडिया के अनुसार भारत पर 1962 के युद्ध का काफी गहरा असर पड़ा था. आज कई सालों बाद एक बार फिर भारत और चीन के बीच युद्ध जैसे हालत हैं और इसके लिए दोनों की देश तैयार हैं. ये जो वाक्य हम आपको बताने वाले हैं आपने आज से पहले कभी नहीं सुना होगा ना ही कहीं पड़ा होगा. दरअसल भारत ने चीन से 1962 की हार का बदला 1967 में ले लिया था. hargksdalkgn

 

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वो इलाका जहाँ लड़ाई हुई थी…

बता दें भारत और चीन के बीच करीब 4 हजार किलोमीटर लंबी लाईन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल है.  ज्ञात हो इसी लाइन को  एलओसी है और इसी  पर 1967 में भारतीय सेना ने चीन को बुरी तरह से खदेड़ा था. बताया जाता है कि उस जगह का नाम सिक्कम का नाथुला पास है. इस इलाके में एक दरवाजे के पीछे लोहे की बाड़ है जिसके लिए 11 सितम्बर 1967 को आमने-सामने आ गये थे.

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चीन ने दी थी भारत को ये धमकी…

आपको बता दें उन दिनों वहां पर सीमा की पहचान के लिए सिर्फ एक पत्थर था और चीनी सेना ने वहीं पर भारतीय सेना को चेतावनी दी थी l चेतावनी में “चीनी सेना ने कहा था के पीछे हट जाओ नहीं तो 1962 की तरह कुचले जाओगे” चीन ने इतना ही नहीं हमेशा की तरह नीचता दिखाते हुए भारतीय सीमा में घुसपैठ भी की थी. चीनी सेना भारत में बनकर बनाना चाहती थी.आपको बता दें वह भारतीय सीमा की आखिरी पोस्ट थी.

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बदले में भारत ने उठाया था ये कदम… 

उस समय 1967 में मेजर जनरल सगत राय नाथुला पास पर ड्यूटी करते थे.चीन की धमकी के बाद उन्हीं के कहने पर उस इलाके में काटों से भरे तार लगाने का फैसला किया गया था.इसके बाद बेशर्म चीन ने वो किया जो किसी ने नहीं सोचा था.चीनी सेना ने साईट पर मौजूद इंजिनियर समेत सेना के जवानों पर अचानक हमला कर दिया और 67 भारतीय इस हमले में शहीद हो गये.

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भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद ऐसा लिया था भारत ने बदला…

इसके बाद भारतीय जवानों में बदले की आग बुरी तरह भर चुकी थी और भारतीय जवानों ने चीन की पूरी  मशीनगन यूनिट को बुरी तरह से तबाह कर दिया था. उसके बाद से आज तक चीनी सेना ने उस इलाके में घुसपैंठ करने की कोशिश तक नहीं की है. आज नाथुला पास पर इस लड़ाई में शहीद हुए भारतीय जवानों की याद में अम्र जवान ज्योति बनी हुई है फूट है..

 

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एक और ऐसा ही इलाका जहां भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों से लिया था बदला…

आपको बता दें नाथुला पास से कुछ ही मीटर दूर एक और इलाका है जिसका नाम है चोला पास जहां चाइना और भारत के बॉर्डर की दूरी महज 700 फूट है. इस इलाके में भी भारतीय सेना ने चीनी सेना को बुरी तरह से हराया था और अपना हक वापिस लिया था.इस जगह पर लाल रंग से पेंट किया गया एक पत्थर रखा हुआ है, यह वही पत्थर है जिसको लेकर जंग शुरू हुई थी. यह इलाके इतने संवेदनशील हैं कि भारतीय सेना के जवान 24 घंटे यहाँ तैनात रहते हैं. बता दें 15 हजार फीट की ऊँचाई पर भारत की चोला चौकी बनी हुई है. लड़ाई में मारे गये चीनी सैनिकों की लाश उठाने के लिए चीन ने रात के अंधरे का फायदा उठाया था.

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आज भी डरा हुआ है चीन…

चीन और भारत में एक बार फिर युद्ध जैसा माहौल बन रहा है लेकिन चीन भूल रहा है कि भारत इस समय 1962 वाला भारत नहीं है और अब मोदी सरकार के चलते पूरे विश्व में अपना परचम लहरा चुका है. कई खबरों के अनुसार आज भी चीन भारत के नाथुला पास और चोला के आस-पास नहीं भटकता है. इन्हीं दो जगह पर चीन को बुरी तरह हराते हुए भारत ने 1962 के युद्ध का बदला ले लिया था.

 

 

 

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