गोरक्षा पर मोदी ने अपने बयान में जो कहा उस पर विश्व हिन्दू परिषद और संत समाज ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है | गुरूवार को गुजरात के साबरमती में पीएम मोदी ने गोभक्ति के नाम पर हो रही हत्याओं पर एक बयान दिया | गोरक्षा और हिंसा पर दिए बयानों में मोदी का यह बयान अब तक का सबसे महत्वपूर्ण  और सख़्त बयान बताया जा रहा है | मोदी ने अपने बयान में कहा कि  गोरक्षा के नाम पर हिंसा महात्मा गांधी और विनोबा भावे के मूल्यों के ख़िलाफ़ है | जिसे लेकर सोशल मीडिया में भी  ख़ूब चर्चा हो रही है | लोगों का कहना है कि मोदी का यह बयान एक साहसिक कदम है लेकिन विश्व हिन्दू परिषद् और संत समाज ने इस बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है |

Source

पीएम मोदी ने पिछले साल भी अपने एक बयान में कहा था कि कुछ लोग गोरक्षा के नाम पर दुकान खोलकर बैठ गए हैं | मुझे इस पर बहुत ग़ुस्सा आता है | गुजरात में गुरूवार को दिया गया पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश में गोरक्षा के नाम      जगह जगह पर हिंसा हो रही है | इसी बयान को लेकर  विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सह सचिव डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने कहा है कि अगर सड़क पर किसी लड़की का बलात्कार करने की कोशिश हो रही है और कोई व्यक्ति इसे रोकने का प्रयास करे और अगर संघर्ष हो तो क्या परिणाम होगा ये कह नहीं सकता |

Source

सुरेन्द्र जैन ने आगे कहा कि इसी तरह अधिकांश गोरक्षक क़ानून के रखवाले है , क़ानून के रक्षक है | इन गोरक्षकों को दोषी नही मानना चाहिए , इनका सम्मान करना चाहिए | जब कुछ लोग अपराध करते है तो इसके लिए सम्पूर्ण गोरक्षकों पर उंगली नहीं उठानी चाहिए | केंद्र सरकार को गोहत्या पर क़ानून बनाना चाहिए | सुरेन्द्र जैन ने आगे कहा कि महात्मा गाँधी और विनोबा भावे जी का मानना था कि देश में गोहत्या को लेकर केन्द्रीय क़ानून लाया जाना चाहिए |

Source

इसी के साथ डॉ .जैन ने कहा कि जितना संभव हो हिंसा से बचना चाहिए | गोहत्यारे भी गोहत्या पर क़ानून का पालन करे | कोई भी गोरक्षक पागल नही है ये गोरक्षक भी जिम्मेदार लोग है | उन्होंने कहा कि सभी राज्य कानून लागू करे तो किसी को सड़क पर उतरने की जरूरत नही पड़ेगी | डॉ. सुरेन्द्र जैन ने मीडिया को भी अपने निशाने पर रखा | उन्होंने  मीडिया पर  एक तरफा खबरें दिखाने का आरोप लगाया | मीडिया वाले गोरक्षकों पर होने वाली हिंसा को प्रकाश में नही लाते है |