भारत और चीन के बीच इस समय तनाव जैसे हालत बने हुए है | जिसकी वजह से ऐसा लगता है कि इन दोनों देश के बीच  युद्ध कभी भी छिड़ सकता हैं | चीन हमेशा से भारत के साथ धोखा करता रहा है | जबकि भारत देश चीन के साथ हमेशा से दोस्ती का हाथ बढ़ता रहा है जिसका हमेशा से चीन ने फायदा उठाया हैं | चीन ने धोखे से 1962 का युद्ध जी लिया था चीन को पता था कि भारत को पहाड़ी इलाकें में सेना का सामान पहुँचाने में काफी परेशानी होगी | जिसका चीन ने बखूबी फायदा उठाया था | उससे पहले भारत ने “हिंदी चीनी भाई भाई” का नारा दिया था पर चीन ने उसकी भी शर्म नहीं की और भारत पर पीछे से हमला कर दिया था |

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भारत ओर चीन में अगर आज के समय में युद्ध होता है तो भारत चीन को इस क्षेत्र में चीन को धूल चटा देगा | पूरी दुनिया को पता कि भारत एक विकासशील देश हैं ओर चीन विकसित देश हैं | फिर भी भारत चीन से युद्ध के इस मैदान में आसानी से बाज़ी मर लेगा |

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अगर भारत और चीनी सेना की  तुलना करे तो चीन भारत से थल और वायु सेना में काफी आगे है चीनी एयरफोर्स  के पास कुल 2,955 एयरक्राफ्ट हैं इसमें से 1,271 फाइटर एयरक्राफ्ट, 1,385 अटैक एयरक्राफ्ट, 782 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 352 ट्रेनर एयर क्राफ्ट, 206 अटैक हेलिकॉप्टर समेत कुल 912 हेलिकॉप्टर हैं और  भारत एयरफोर्स के पास 676 फाइटर एयरक्राफ्ट, 809 अटैक एयरक्राफ्ट, 857 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 323 ट्रेनर एयरक्राफ्ट, 16  अटैक हेलिकॉप्टर समेत कुल 666 हेलिकॉप्टर हैं |

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चीनी थलसेना  के पास 6,457 युद्धक टैंक, 4,788 बख्तरबंद  लड़ाकू वाहन, 1710 स्वचालित वाहन और  1770 रोकेट प्रोजेक्टर हैं |  जबकि भारतीय थलसेना  के पास 4,426 युद्धक टैंक, 6,704 बख्तरबंद वाहन, 290 स्वचालित वाहन और 292 रॉकेट प्रोजेक्टर हैं. इन आकड़ों के अनुसार चीन की थलसेना भारतीय थलसेना से ज्यादा शक्तिशाली है |

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चीनी नेवी के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 51 युद्धपोत, 36 विध्वंसक, 35 जंगी जहाज, 68 पनडुब्बी, 220 पेट्रोल क्राफ्ट, 31 माइन वारफेयर पोत हैं. |चीन ने बुधवार को ही अपने सबसे बड़े विध्वंसक टाइप-055 को लॉन्च किया था |वहीं, भारतीय नेवी  के पास तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, 14 युद्धपोत, 11 विध्वंसक, 23 जंगी जहाज,15 पनडुब्बी,139 पेट्रोल क्राफ्ट और 6 माइन  वॉरफेयर पोत हैं एयरक्राफ्ट कैरियर के मामले में भारत चीन से आगे है | भारत इसी क्षेत्र में चीनी सेना से बहुत आगे हैं