अंकल मेरी गुल्लक ले लो, लेकिन मेरी मां के कातिलों को  पकड़ लाओ. बच्चे कितने मासूम होते हैं यह बात तो सभी को पता है वे जो देखते हैं वो ही उन्हें सच लगता है और वो सारी बातें उनके ज़हन में गूंजती रहती हैं. वहीँ अगर कोई बच्चा महज़ 4 से 5 साल कि उम्र में ही कुछ ऐसा देख ले जिसने उसके मन में एक डर पैदा कर दिया हो तो सोचिये उस बच्चे का क्या हाल होगा. जी हाँ आज हम बात कर रहे हैं 5 साल की मानवी की जो बहुत छोटी है लेकिन फिर भी वे अपनी माँ को इन्साफ दिलाने कि फ़रियाद लेकर आईजी ऑफिस तक पहुँच गयीं.

 

जिस उम्र में इस बच्ची को अपनी माँ का साथ चाहिए था आज उसी उम्र में यह बच्ची अपनी माँ को इन्साफ दिलाने में जुटी हुई है. मानवी की मां उसे छोड़कर जा चुकी है. जिन लोगों की वजह से मानवी की मां ने मौत को गले लगाया है वो लोग आज हमारे पुलिस प्रशासन की मेहरबानी से खुली हवा में सांस ले रहे हैं. इस नन्ही सी मानवी के नाना अपनी नातिन के लिए कई दिन पुलिस थाने के चक्कर काट ते रहे ताकी उनकी बेटी को इन्साफ मिल सके और अपराधियों को सजा, लेकिन फिर भी इस देश के कानून को कौन नहीं जानता कि वो कितना बिका हुआ है हर जगह लोगों को तो पैसा चाहिए तभी काम होगा फिर चाहे अगला पैसे देनें लायक हो या नहीं.

नन्ही मानवी ने अपने नाना से कई बार अपनी माँ के बारे में पूछा कि उनके कातिलों को सजा क्यों नहीं मिल रही तो मानवी के नाना ने उसे बताया कि बेटा उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस रिश्वत मांग रही है जिसके लिए उन्हें खूब सरे पैसे चाहिए जो कि उनके पास देने को नहीं हैं इतना सुनते ही फिर क्या था मानवी की मां ने जो गुल्लक मानवी को पैसे जोड़ने को दिलाई थी आज उसी गुल्लक को लेकर मानवी अपने नाना के साथ आइजी ऑफिस पहुंच गई.

आपको बता दें कि 29 अप्रैल को मानवी की मां सीमा कौशिक ने गंगानगर स्थित अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. सीमा पिछले चार साल से मायके में रह रही थी. मायका पक्ष ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाते हुए पति संजीव, सास, ससुर व देवर के खिलाफ गंगानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. और यह कोई पहली रिपोर्ट नहीं है जो दर्ज हुई हो बल्कि इससे पहले भी दहेज उत्पीड़न व कचहरी में जानलेवा हमला करने का मामला भी दर्ज कराया गया था.

शांति स्वरूप यानी मानवी के नाना का कहना है कि गंगानगर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनसे खर्च मांग रही है. खर्च नहीं देने पर आरोपियों को गिरफ्तार करने से इन्कार कर दिया. जब मानवी ने मोर्चा संभाला तो मंगलवार सुबह 11.30 शांति स्वरूप कौशिक अपनी नातिन मानवी को लेकर आइजी ऑफिस पहुंच गए. मानवी ने आइजी रामकुमार वर्मा के सामने गुल्लक रख दिया और बोली-आइजी अंकल ये पैसे ले लीजिए, मेरी मम्मी के कातिलों को गिरफ्तार करा दीजिए यह सुन आइजी भी हैरत में पड़ गए. उसके बाद आज हत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में सीमा के पति संजीव को पुलिस जेल भेज चुकी है. ससुर रामभूल और देवर दीपक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है.