इजरायल और भारत के बीच दोस्ती को एक नया आयाम मिल गया जब पीएम मोदी इजरायल के दौरे पर निकले. इस दौरे की खास बात ये कि पीएम मोदी ऐसे इकलौते प्रधानमन्त्री होंगे जो इजरायल जा रहे हैं. सहयोग के लिए दोनों देश एक-दूसरे के लिए समर्पित रहते हैं. रक्षा मामले हों या फिर सैन्य मदद हो, इजरायल कभी भी पीछे नही हटता. 4 जुलाई को जब मोदी इजरायल की राजधानी पहुंचे तो एअरपोर्ट पर पहले से मौजूद  बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका भव्य स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने अपने मंत्रियों से उनका परिचय करवाया. इसके ठीक पहले इजरायल की राजधानी तेल अवीव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब एयरपोर्ट पर विमान से नीचे उतर रहे थे तो अचानक सबकी निगाहें उनके सूट पर जा टिकीं. JH

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पीएम मोदी ने जो सूट पहना वो भी था खास: 

आपको बता दें कि मोदी न सिर्फ एक प्रखर नेता हैं बल्कि कपड़ो के मामले में भी स्टाइलिश माने जाते हैं, यहां तक कि उनके नाम का ‘मोदी कुर्ता’ भी काफी फेमस है. पीएम मोदी जब इजरायल पहुंचे तो उन्होंने सफेद सूट पहना हुआ था और इसके साथ नीले रंग की रुमाल थी. इस कलर कॉम्बिनेशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई, इस बात का पता लगाने की कोशिश की गयी कि आखिर उन्होंने इजरायल के लिए इस तरीके का कलर क्यों चुना तो कुछ चीजे सामने आयीं तो इजरायल से घनिष्ठ दोस्ती का सबूत देती हैं.

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इस वजह से पहना था इस कलर का सूट

सूत्रों से जो जानकारी मिली है कि उसके हिसाब इस कलर कॉम्बिनेशन के पीछे माना जा रहा है कि मोदी ने सफेद सूट और नीले रंग की रूमाल इसलिए पहन रखी क्योंकि इजरायल के झंडे का रंग भी सफेद और नीला है. दरअसल, ऐसा करके मोदी ने न सिर्फ भारत-इजरायल के बीच रिश्तों को एक नया मुकाम देने की कोशिश की है बल्कि अपने आप को एक भरोसेमंद दोस्त के तौर पर भी पेश किया है.

दोनों राष्ट्राध्यक्ष मिलते ही लगे गले:

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्‍याहू की जैसे ही एअरपोर्ट पर पहली मुलाकात हुई दोनों ने एक दूसरे को गले से लगा लिया और खुश होकर एक-दूसरे से हाल-चाल पूछा. चलिए हम आपको इसका एक वीडियो दिखाते हैं जिसे देखकर आप खुद समझ जाएंगे कि दोनों के बीच दोस्ती किस तरह से परवान चढ़ रही है.  इस वीडियो को देखिये और खुद फैसला कीजिये कि क्या कभी किसी देश के प्रमुख को हमारे देश के प्रधानमंत्री का इस तरह से स्वागत करते हुए देखा है?

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पीएम मोदी ने रिश्ते में फूंकी जान:

जरा आप खुद सोचिये कि आज़ादी के बाद हम खुद में इतने उलझे रहेे कि इजराइल जैसे देश की तरफ देख भी नही पाए और वो देश हम पर हमेशा नजर बनाये हुए था. जब भी हमें जरूरत पड़ी बिना शर्त के वो हमारी मदद को तैयार खड़ा मिला और हम इस हिचक में थे कि इजराइल तो एंटी मुस्लिम देश है तो कहीं हमारे वोटर बिदग न जाये. अब अगर पीएम मोदी ने अनजाने रिश्ते को नाम देने की और मिठास घोलने की कोशिश की है तो उनकी सराहना करनी चाहिए