भारत-चीन के बीच बढ़ रही है तनातनी

भारत और चीन के बीच तनातनी बनी हुई है, भारत की बढ़ती शक्ति को देखकर चीन के माथे पर बल पड़ गए हैं. इसी वजह से वो आए दिन भारत की सीमा पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है. जहाँ एक ओर भारत की सिक्किम से लगी सीमा पर चीन मनमानी करने कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में भी चीन अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने में लगा हुआ है. इस मामले में अब भारत भी पूरी तरह से चौकन्ना हो चूका है. चीन की नापाक हरकतों पर भारत की पैनी नज़र है.

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रुक्मणी की आँख से नहीं बच सका चीन 

सूत्रों के अनुसार हिंद महासागर में चीन की हरकत का पता भारत को जीसैट-7 उपग्रह के जरिये लगा. इस जीसैट-7 उपग्रह का नाम रुक्मणी है. भारत इस उपग्रह के द्वारा चीन की हरकतों पर नज़र बनाए हुए है. यह नौसेना की सैटेलाइट है, इस सैटेलाइट को 2013 में लॉन्च किया गया था. चीन की हरकतों को देखने के लिए ये भारत की आखं की तरह काम कर रही है.

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पहला मिलिट्री सैटेलाइट 

वैसे तो भारत अब तक कई सैटेलाइट लॉच कर चुका है लेकिन रुक्मणी भारत का पहला मिलिट्री सैटेलाइट है. इस सैटेलाइट से भारत हिंद महासागर में होने वाली गतिविधियों पर नज़र बनाए रखता है. इस सैटेलाइट का वजन 2,625 किलोग्राम है. इसका संचालन 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई से किया जा रहा है. ये सैटेलाइट मल्टी-बैंड कम्‍युनिकेशन-कम सर्विलान्‍स सेटेलाइट है. इस उपग्रह से भारत को विमानों, युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बारे में रियल-टाइम जानकारी मिल जाती है. इस सैटेलाइट को बनाने का मुख्य मकसद यही था कि भारत चीन पर नज़र बनाए रखे क्योंकि हिंद महासागर में चीन की गतिविधियां बढ़ती जा रही है.

 

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भारत हुआ है इस सैटेलाइट से सशक्त 

इस सैटेलाइट की वजह से आज भारत समुद्र में होने वाली गतिविधियों पर नज़र रख पता है. समुद्र तक के किनारे जो संचालन केंद्र हैं उनकी सहायता से न केवल अरब सागर बल्कि फारस की खाड़ी से लेकर बंगाल की खाड़ी पर भी नज़र रखी जा सकती है.
आपको बता दें कि चीन के 14 नौसेना पोतों को हाल ही में भारतीय समुद्री क्षेत्र में देखा गया है. चीन के इन पोतों में आधुनिक लुआंग-3 और कुनमिंग क्लास स्टील्थ डेस्ट्रॉयर्स हैं. भारत की सैटेलाइट ने इन पोतों को पकड़ लिया. चीन किसी भी तरह भारत को परेशान करने की कोशिश में लगा हुआ है वो भारत की बढ़ती शक्ति से परेशान है और इसी वजह से उसको अब चिंता सताने लगी है.

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ऐसा नहीं है कि चीन को केवल भारत से ही परेशानी हो बल्कि उसे हर उस देश से परेशानी है जो उसकी बात नहीं मानता क्योंकि वो खुद को एशिया की सबसे बड़ी शक्ति मानता है. आए दिन वो अपने पड़ोसी मुल्कों को परेशान करने लगता है. जब UN चीन को सलाह देता है तो वो भी चीन नहीं मानता उसे तो बस मनमानी करनी है.

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चीन चाहे कितनी भी कोशिश कर ले भारत की बढ़ती हुई ताकत को वो नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता. वो भारत से उलझने की कोशिश तो कर रहा है लेकिन ये बात भी उसको अच्छी तरह से पता है कि भारत, चीन का सबसे बड़ा बाज़ार है अगर उसने कोई भी हरकत की तो इसका नुकसान उसी को उठाना पड़ेगा. ख़ैर उसके द्वारा भारत की सीमाओं में घुसने का एक कारण ये भी है कि वो भारत को अपनी शक्ति का अहसास करा रहा है, लेकिन भारत को इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, क्योंकि आज भारत दुनिया में एक शक्तिशाली देश के रूप में जाना जाता है और चीन के हर वार का जवाब बखूबी दे सकता है.