सिक्किम में चीन भारत में तनातनी

भारत और चीन के बीच तनातनी के बीच सिक्किम में हालात बिगड़े हुए हैं. जिसकी चिंता भारत को भी है. चीन तो हमेशा से ही भारत को कमज़ोर करना चाहता है. उसकी नीति है कि पड़ोसी से जीत न सको तो उसे तोड़ दो और वही वो करने की कोशिश भी करता रहता है. उसके इस इरादे को तो भारत कभी कामयाब नहीं होने देगा पर इसी बीच सिक्किम के मुख्यमंत्री के बयान से भारत चिंता में आ सकता है. उनका बयान मोदी सरकार को सोचने पर मजबूर कर देगा.

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सिक्किम के मुख्यमंत्री का बयान

सिक्किम के मुख्यमंत्री के बयान के साथ ही चीन ने भी इस मुद्दे को पकड़ लिया है. चीन को तो मौका चाहिए था कि उसे कहीं से कुछ ऐसी खबर मिल जाए जिससे वो भारत को बैकफूट पर ढकेल सके और उसे ये मुद्दा सिक्किम के रूप में मिल गया. इसी मुद्दे को लेकर चीन के अखबार में खबर छपी है. अखबार में लिखा गया है कि चीन को सिक्किम की नीति के बारे में दोबारा सोचना चाहिए. ख़ैर चीन जो भी कहे उसपर ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए लेकिन सिक्किम के मुख्यमंत्री का बयान चिंता का विषय है.

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सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग का बयान आया है कि सिक्किम के लोग चीन और बंगाल के बीच सैंडविच बनने के लिए भारत से नहीं जुड़े थे. एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक़ चामलिंग ने कहा कि दार्जलिंग की समस्या के कारण अब तक सिक्किम को 60000 करोड़ का नुकसान हो चुका है. उन्होंने नाथुला दर्रे पर चीन द्वारा बन रहे दबाव की बात भी कही.

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गौरतलब है कि सिक्किम के डोंगलांग में भारतीय सैनिकों ने चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक लिया था. जिसके बाद चीनी सैनिक भड़क गए और उन्होंने भारत के दो बंकरों को तोड़ गिराया था. जिसके बाद भारत और चीन के बीच विवाद गहरा गया और अब तक भी दोनों देश आपस में उलझे हुए हैं.

चीन की मनमानी का क्या होगा हल

जहाँ एक ओर भारत की सिक्किम से लगी सीमा पर चीन मनमानी करने की कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में भी चीन अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने में लगा हुआ है, लेकिन अब वक्त बदल चुका है चीन की किसी भी हरकत का भारत मुंहतोड़ जवाब दे सकता है. भारत की असली चिंता सिक्किम के आम लोगों को लेकर होनी चाहिए क्योंकि वो लोग दोनों देशों के बीच हो रहे तनाव के कारण परेशान हैं. वही चिंता सिक्किम के सीएम ने कही.

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हालांकि ये मुद्दा इतना सामान्य नहीं है कि चुटकियों में इसे सुलझा दिया जाए लेकिन फिर भी भारत को ऐसा कुछ तो करना ही पड़ेगा जिससे सिक्किम में शान्ति स्थापित हो सके. वहां के आम नागरिक भी भारत-चीन के बीच हो रहे टकराव के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं. भारत को समझना होगा कि चीन को मौका मिला तो किसी भी हद्द तक जा सकता है हालांकि चीन को ये पता है कि उसने अगर कुछ गलत किया तो उसे ही ज्यादा नुकसान होगा. चीन के लिए एक बुरी खबर ये भी है कि अमेरिका ने चीन की कम्पनियों केखिलाफ कदम उठा लिया है. अमेरिका ने चीन की कम्पनियों पर बैन लगा दिया है. ऐसे में उसने भारत के खिलाफ कोई चाल चली तो वो चारों ओर से अकेला पड़ जाएगा. तो स्पष्ट है कि चीन से ज्यादा भारत को सिक्किम की चिंता होनी चाहिए.