भारत और चीन के बीच इन दिनों जो माहौल है उससे समझा जा सकता है कि सीमा पर काफी तनाव है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सेना की तरफ से चीन को बराबर सख्ती से जवाब दिया जा रहा हैl चीन भले ही एक सपन्न देश हो लेकिन अगर वो ये समझता है कि वो भारत को आँखे दिखाकर डरा देगा तो ये उसकी सबसे बड़ी भूल होगी दरअसल एक तरफ पीएम मोदी अमेरिका गये और वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी गहरी दोस्ती को देखकर विरोधियों की सांसे थम गयी हैंl वैसे भी चीन एशिया में अपनी दादागिरी दिखाना चाहता है लेकिन भारत के चलते उसकी चल नही पातीl इतना ही नही पाकिस्तान के कंधे से वार करने की तलाश करने वाला चीन हिंदुस्तान पर हमेशा नजर गड़ाए रहता हैl कई ऐसे मौके आये हैं जब चीन ने खुलकर पाकिस्तान का साथ देते हुए भारत को आँख दिखाने की कोशिश की हैl हालाँकि सिक्किम सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव चल रहे हैं और इसको देखते हुए चीन की धमकी देने की कोशिश की तो भारत ने भी उसको धमकी का कड़े शब्दों में जवाब दिया।

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भारत और चीन के बीच का युद्ध काफी पुराना है, चीन शुरू से ही भारत से बौखलाया रहता है और आये दिन भारतीय सीमा पर हमला करता है l ये बात भी सभी जानते हैं भारत के दुश्मन पाकिस्तान का चीन बहुत अच्छा दोस्त है और उसकी बेहतरीन ढंग से रक्षा करता है l

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भारत का साफ कहना है कि चुंबी घाटी स्थित तिब्बती भूभाग डोकलम में चीनी सेना ने जबरदस्ती घुसकर सड़क बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने असफल कियाl इस जवाब में भारत की तरफ से सिक्किम स्थित नाथू-ला दर्रे से होने वाली मानसरोवर यात्रा को रद्द करने की बात भी कही थी ।

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एक ओर सिक्किम में भारत-चीन बॉर्डर पर दोनों देशों की बीच डोकलाम को लेकर तनाव जारी है, दूसरी ओर जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक दूसरे की ‘तारीफ’ की है और गर्मजोशी से हाथ मिलाया। दोनों देश के नेता जी-20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में हैं। दोनों देश के नेताओं के बीच हुई छोटी मुलाकात में कई मुद्दों पर बातचीत भी हुई है। दोनों नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में एक दूसरे को लेकर अच्छी और सकरात्मक बातें कहीं।

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और मजबूत संकल्प और ब्रिक्स संगठन में तेजी लाने के लिए भारत की तारीफ की, तो वहीं मोदी ने कहा कि जिनपिंग के नेतृत्व में ब्रिक्स संगठन में सकरात्मक तेजी आई है। मोदी ने ब्रिक्स समिट के लिए चिनफिंग को शुभकामनाएं दीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बाद में दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और हल्की-फुल्की बातें कीं। अगला ब्रिक्स सम्मेलन चीन में होना है।