भारतीय सैनिकों ने जिस बुरहान वानी को 72 हूरों के पास भेजकर एक उपलब्धि हासिल की थी आज उसी बुरहान वानी की 8 जुलाई को बरसी थी. बता दें शनिवार 8 जुलाई को बुराहन वानी की बरसी को ध्यान में रखते हुए घाटी में भारी पुलिस बल और सेना के जवानों को तैनात कर दिये गए थे.  सरकार को आशंका थी कि शनिवार को वानी की बरसी के मौके पर आसामजिक तत्व उत्पात मचा सकते हैं. हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने पर जहाँ पूरे देश में ख़ुशी थी वहीँ इस आतंकी की मौत पर उसके पिता ने जहर उगलते हुए एक ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर आप भी आग बबूला हो जायेंगे.

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क्या बोला बुरहान वानी के पिता ने 

आतंकी बेटे को मरे हुए अब एक साल हो चुके हैं. ऐसे में बुरहान वानी की पहली बरसी पर बोलते हुए उसके पिता ने दावा किया है कि, ” एक साल गुजरने के बाद भी सरकार उनके बेटे से डरती है।” आतंकी बुरहान के बारे में बात करते हुए उसके पिता ने आगे कहा कि मेरा बेटा मर चुका है, लेकिन राज्य सरकार और पुलिस अभी भी बुरहान से डरते हैं तभी तो उन लोगों ने मेरे बेटे की बरसी पर लोगों के मिलने पर रोक लगायी है.  लेकिन जिन्हें मिलना है वो मेरे घर आ सकते हैं, मेरे घर पर सभी का स्वागत है.

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कश्मीर और भारत के बारे में बुरहान के पिता ने कहा…

अपने आतंकी बेटे की मौत का शोक मना रहे पिता ने आगे कहा कि, एक भारतीय तो कश्मीर में सुरक्षित होता है लेकिन अफ़सोस की बात है कि कोई भी कश्मीरी भारत में सुरक्षित नहीं रह सकता.” आतंकी बुरहान के पिता ने कहा, “मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि कश्मीर में हो रहे खून-खराबे गवाह हैं, जिसके चलते मैंने अपने दो जवान बेटे खोए हैं। हिंसा से हमारे मन में जो आजादी की भावना है वह दबने नहीं वाली। न्याय के लिए लड़ाई चलती रहेगी।

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बुरहान की बरसी पर हुर्रियत नेताओं और आतंकी कुछ ऐसा करेंगें कि …

बता दें कि बुरहान की पहली बरसी पर हुर्रियत नेताओं और आतंकियों ने इसे बड़े पैमाने पर मनाने की घोषणा की है. अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने से एक दिन पहले ही हिज्बुल चीफ सैयद सलाउद्दीन ने घाटी में 8 जुलाई से 13 जुलाई तक बंद की घोषणा है.

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कौन था बुरहान वानी

बुराहन मुजफ्फर वानी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था.  ख़बरों के अनुसार बुरहान वानी कश्मीर में त्राल के  एक अच्छे और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता था. बुरहान के पिता एक स्कूल में प्रिन्सिपल थे लेकिन वो शायद अपने ही बेटे को अच्छी शिक्षा देने से चूक गए जिसके चलते महज़ 15 साल की उम्र में बुरहान घर छोड़कर आतंकवादी बन गया. बताते हैं कि बुरहान वानी का बड़ा भाई खालिद मुजफ्फर भी आतंकवादी था जो पिछले साल सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया था.

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हिजबुल का पोस्टर बॉय बन चुका था बुरहान 

बुरहान वानी 2014 में उस वक़्त चर्चा में आ गया था जब उसने सेना की वर्दी में हथियार के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर डाला था. बता दें इसके बाद ऐसे कई मौके आये जब उसने सेना कि वर्दी में तस्वीरें डालना शुरू कर दिया. बुरहान अब लोगों की दुखती नस पकड़ चुका था. बार-बार सेना की वर्दी में तस्वीर डालने का बुरहान का एक ही मकसद था कि वो युवाओं को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करना चाहता था. इसी के चलते बुरहान ने कई बार फेसबुक,ट्विटर और वॉट्सऐप पर भड़काने वाली वीडियो और तस्वीरे भी अपलोड की थी और शायद यही कारण था कि बुरहान अब हिजबुल का ‘पोस्टर बॉय’ बन चुका था.