chanakya-niti (2)

1. कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न जरुर कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो पाऊगां? और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें।

 

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2. जैसे ही भय आपके करीब आये , उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।

 

chanakya-niti (1)

3. शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।

 

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4. अपने रहस्यों को किसी पर भी उजागर मत करो। यह आदत आपको बर्बाद कर सकती है।
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5. हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमें स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।
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6. हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।

 

chanakya-niti (3)

7. फूल की खुशबू केवल हवा की दिशा में जाएगी। लेकिन एक अच्‍छे इंसान की अच्‍छाई सब जगह फैलेगी।

 

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8. कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

 

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9. एक बार जब आप कोई काम शुरु करते हैं, तो असफलता से डरे नहीं और ना ही उसे त्‍यागें। ईमानदारी से काम करने वाले लोग खुश रहते हैं।
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10. जन्‍म के पांचवे साल तक पुत्र को प्‍यार करना चाहिये, फिर दस साल तक दंडित करना चाहिये और एक बार जब वह सोलह वर्ष का हो जाए, तब उसे अपना दोस्‍त बना लेना चाहिये।