10 जुलाई को शिवभक्तों पर अनंतनाग के बटेंगू में हमला हुआ तो देशवासियों का खून खौल गया. हर किसी ने इस हमले की निंदा की और इस हमले में मारे जाने वाले लोगों को श्रद्धांजली दी गयी. इस हमले के बाद कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इस हमले को राजनीती से प्रेरित बताया जोकि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है. आम आदमी पार्टी को तो जानते ही होंगे आप, जो एक आन्दोलन से निकली है. इसके मुखिया केजरीवाल को तो और भी बखूबी से जानते होंगे आप. ऐसे तो इनकी पार्टी में ऐसे कई लोग हैं जो कई मौकों पर अपना नाम बदनाम करवा चुके हैं लेकिन अमरनाथ हमले में कुछ हटकर बोलने की चाहत में आप के कुछ नेताओं ने कुछ ऐसा बोल दिया है जो बेहद ही घटिया है.

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आपको बता दें कि अमरनाथ जा रहे यात्रियों की बस पर आतंकी हमला  हुआ और 7 लोगों की जान गयी जिसमें से 5 लोग गुजरात प्रान्त से थे और 2 महाराष्ट्र से. ओम ट्रेवेल्स की यह बस गुजरात राज्य की थी. इन सब सारी चीजों को जोड़कर आम आदमी पार्टी के नेता चुनावी बयानबाजी कर रहे हैं, जोकि बेहद ही शर्मसार करने वाली है. आज आपको आम आदमी पार्टी के उन नेताओं के बयान दिखाते हैं जिन्होंने धार्मिक यात्रा के दौरान अपनी जान गंवाने वालों पर भी राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज नही आ रहे. शुरुआत ‘आप’ की अलका लम्बा से करते हैं.

अलका लम्बा चांदनी चौक से ‘आप’ की विधायक हैं लेकिन उन्होंने अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले पर भी राजनीति करने के लिए अपने मतलब की बात खोज ही ली. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि “साजिश गहरी है, बस गुजरात की है, यात्री और मारे जाने वाले सभी गुजरती हैं, जत्थे से यह बस अलग हुई, क्यों लग हुई, कारण के पीछे छिपी हमले कि सच्चाई” अब आप ही सोचिये कि जहाँ एक तरफ से पूरा देश हमले के कारण सदमे में था वहीं अलका लम्बा हमले का सीधा कनेक्शन गुजरात चुनाव से जोड़कर अपना हित साधने से पीछे नही हट रहीं. इतना ही नही अलका लम्बा ‘आप’ की ऐसी इकलौती नेता नही हैं जिन्होंने अमरनाथ यात्रा पर राजनीति करनी शुरू की हो, इसी पार्टी के और विधायक अमानतुल्ला ने भी इस हमले को लेकर अपनी घटिया सोच ज़ाहिर की.

अमानतुल्ला ने इस हमले को अपने राजनीतिक चश्में से देखा और एक के बाद एक ट्वीट कर डाले. एक ट्वीट में इस विधायक ने सवाल उठाते हुए लिखा था कि “गलती यात्रियों की थी,या सुरक्षा व्यवस्था की,  सवाल यह है कि इतनी सुरक्षा के बाद भी यह कैसे हुआ. या गलती आने वाले विधानसभा चुनाव की है” अब आप खुद सोचिये देश इस गम में है कि हमने अपने लोगों को इस आतंकी हमले में खो दिया है लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता अपना फायदा खोजने में लगे हुए हैं. वैसे आपको बता दें कि ‘आप’ का यह नेता इससे पहले भी विवादों आ चुका है और ये विवाद किसी और से नही बल्कि अपनीं ही पार्टी के दिग्गज नेता कुमार विश्वास से था, जिसे  मैनेज करने के लिए केजरीवाल ने बड़ी मेहनत की.

इन नेताओं के ऐसे ट्वीट पर देश दुखी है और हर बात को राजनीतिक चश्में से देखने वाले नेताओं की खूब फजीहत भी हो रही है. केजरीवाल की पार्टी से सस्पेंड किये गये कपिल मिश्रा ने इन नेताओं को जमकर धोया. उन्होंने इन नेताओं को जवाब देते हुए उन्हें आईना दिखाया. कपिल मिश्रा ने अलका लम्बा और अमानतुल्ला के ट्वीट के स्क्रीनशॉट को ट्विटर पर शेयर करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया.

कपिल मिश्रा ने अमरनाथयात्रा पर हुए हमले पर राजनीति करने वाले ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट लेकर केजरीवाल को टारगेट करते हुए लिखा कि “श्रीमान अरविन्द केजरीवाल जी, इस घटिया और देश विरोधी राजनीति को तुरंत बंद करो, देश माफ़ नही करेगा.” कपिल मिश्रा का साफ कहना था कि जिस तरीके से देश आतंकवाद से जूझ रहा है ऐसे में ‘आप’ के नेता अपने वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और देश को बदनाम कर रहे हैं, देश की जनता उन्हें कभी नही माफ़ करेगी.

कपिल मिश्रा ने केजरीवाल & पार्टी पर तंज कसते हुए एक और ट्वीट किया और लिखा कि “शिवभक्तों को शिवभक्त मत कहना, हिन्दुस्तानी भी मत कहना, गुजराती कहना, फिर इसे आतंकी हमला नही चुनावी साजिश बताना ये सब केजरीवाल गैंग की राजनीति है”  बात सीधी सी है जिस तरीके से केजरीवाल और उनके विधायक केंद्र सरकार के खिलाफ कोई न कोई हथकंडा अपनाते रहते हैं और दुष्प्रचार के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं वो बेहद ही घटिया स्तर की राजनीति कहलाती है. देश से इन्हें कोई मतलब नही बल्कि अमरनाथ यात्रा पर हमले जैसी घटना पर भी संवेदनशीलता न दिखाते हुए चुनाव की चिंता ज्यादा है.

कपिल मिश्रा यही नही रुके उन्होंने आप के विधायकों की इस घटिया हरकत पर केजरीवाल पर भी निशाना साधा और कहा यह सब सोची-समझी साजिश है. कपिल मिश्रा ने लिखा कि “अमानतुल्ला से बयान दिलवाया गया है. देश को नीचा दिखाने की साजिश. ऐसे आतंकी हमलों को राजनैतिक साजिश बताना कई मोर्चों पर देश को कमजोर करने जैसा” फ़िलहाल आप के खिलाफ कपिल मिश्रा कई मौकों पर बोलते आये हैं लेकिन देश से जुड़े गंभीर मसलों पर इस तरह की स्वार्थ साधने वाली राजनीति देश को शर्मसार करती है.