योगी जी के राज में अफसरों की चुस्ती बढ़ गयी है इसके साथ ही बीजेपी के अन्य शासित राज्यों में भी अफसरों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कमर कस ली है ! ऐसा ही घटना हुई रांची में जहां कोर्ट में स्टांप खरीदने पहुंचे एक आईएएस अफसर को दुकानदारों ने भगा दिया।

दरअसल यहां के एसडीओ भोर सिंह यादव शुक्रवार की सुबह भेष बदलकर कचहरी की हकीकत जानने वहां गए थे। गले में तौलिया डाले और पैरों में हवाई चप्पल पहने एसडीओ को कोई पहचान नहीं पाया। वे यहां आधे घंटे तक स्टांप वेंडरों से कम मूल्य का स्टांप खरीदते रहे। इसके लिए वेंडरों ने उनसे डबल पैसे मांगे।

उनकी साधारण कपड़ों की वजह से स्टांप वेंडर उन्हें पहचान नहीं पाए। उन्होंने किसी काम के लिए 10 और 50 रुपए के स्टांप की मांग की। वेंडरों ने उनसे कहा कि कम कीमत का स्टांप उनके पास नहीं है, सिर्फ 500 रुपए का स्टांप है। आपको बता दें कि भोर सिंह जी को सूचना मिली थी कि स्टाम्प विक्रेता कम मूल्य के स्टाम्प की नहीं होने की बात कहकर बड़े मूल्य के स्टाम्प बेच रहे हैं.

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वेंडरों ने उनसे सीधे कह दिया कि अगर लेना है तो लो, नहीं तो यहां से निकलो। इसके बाद एसडीओ ने वहां घूम रहे एक दलाल से कम मूल्य के स्टांप की बात की। उसे सौ रुपए दिए और स्टांप लाने को कहा। कुछ ही देर में उसने कहीं से 20 रुपए का स्टांप लाकर एसडीओ को दे दिया । और फिर…

फिर क्या था, एसडीओ की टीम ने दलाल समेत वेंडरों को पकड़ लिया। ऐसा होता देख पूरे कचहरी कैंपस में हड़कंप मच गया। दूसरे वेंडर अपनी दुकानें बंद कर भागने लगे।

छापेमारी के बाद एसडीओ भोर सिंह यादव ने कहा कि स्टांप की कहीं कोई कमी नहीं है। कम राशि के स्टांप सबके पास हैं, लेकिन वेंडर जानबूझकर इसकी कमी बताते हैं। इन सभी के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। भोर सिंह यादव वर्ष 2014 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं। ये बनारस के रहने वाले हैं। ट्रेनिंग के बाद लौटे तो 31 अक्टूबर 2016 को इनकी पोस्टिंग गुमला एसडीओ के रूप में हुई।

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गुमला से 06 दिसंबर 2016 को इनका ट्रांसफर खूंटी हुआ। खूंटी के बाद इनकी पोस्टिंग रांची हुई। प्रोबेशन पीरियड में भोर सिंह यादव की पोस्टिंग दुमका में थी।  इनकी वाइफ अंजलि यादव भी आईएएस हैं और झारखंड में ही पोस्टेड हैं

यूपी में भाजपा सरकार के आने के बाद से ही प्रदेश में हर नियम-कानून सख्त कर दिए गए हैं| जहां अबतक अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते पुलिस अपने काम पर कम और आराम पर ज्यादा ध्यान देती थी वहीं योगी सरकार के आते ही इन पुलिस वालों को भी जैसे समझ आ गया है कि अब कामचोरी में कुछ नहीं रखा अब तो काम करना ही पड़ेगा|

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योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही जहाँ एक तरफ शहर के मनचलों पर नकेल कसने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड का गठन किया वहीं दूसरी तरफ विकास के मद्देनजर लिए गये फैसलों से अब तो यही लगता है कि जल्द ही यूपी की गाड़ी पटरी पर आने वाली है| कानून से जुड़ा एक मामला उस वक़्त सामने आया जब नकुड़ की डिप्टी एसपी वंदना शर्मा सादे कपड़ो में शुक्रवार दोपहर तीन बजे मंसूरपुर थाने पहुंचीं। दरअसल वंदना शर्मा खुद देखना चाहती थी कि उनके इलाके में पुलिस खुद कितनी सतर्क है| थाने पहुँच कर सीओ ने खुद को इंजीनियरिंग की छात्रा बताते हुए कहा कि, “रोडवेज बस में मेरा लैपटॉप चोरी हो गया।”

थाने में उस वक्त मौजूद एक दरोगा और वायरलेस सेट पर बैठे मुंशी से युवती ने कहा कि “वह इंजीनियरिंग की छात्रा है। वह उत्तराखंड डिपो की रोडवेज बस से सहारनपुर जा रही थी। बस में सफर करते समय उसे नींद आ गई उसी वक़्त उसकी बगल वाली सीट पर बैठा युवक उसका बैग चोरी कर के ले गया। मंसूरपुर में बस रुकने पर जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि उसका बैग गायब था। लड़की ने आगे बताया कि उस बैग में मेरा जरूरी कागजात, लैपटॉप और मोबाइल थे l” इतना कहने के बाद उस लड़की ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा।

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इस पर मुंशी ने रिपोर्ट लिखने में आनाकानी करते हुए सीओ को घटनास्थल खतौली का बताकर मुद्दा घुमाने की कोशिश की| मुंशी ने डिप्टी एसपी वंदना शर्मा से कहा कि आप खतौली थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराइए। यहाँ तक की ड्यूटी पर मौजूद दरोगा ने युवती को गाड़ी से खतौली भिजवाने की बात तक कही। दौरे पर निकले इंस्पेक्टर सुभाष सिंह से भी फोन पर छात्रा ने बात की तो उन्होंने कहा कि वह FIR दर्ज करवा दें और चली जाएं। इस पर छात्रा तहरीर लिखकर मुंशी को देकर चली गई।

बाद में वही छात्रा स्टाफ के साथ अपनी गाड़ी से थाने पहुंची। इस बार छात्रा को डिप्टी एसपी की वर्दी में देख थाने में हड़कंप मच गया। 

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हालाँकि बाद में असलियत पता चलने पर इंस्पेक्टर ने सीओ से माफी मांगी। डिप्टी एसपी ने इंस्पेक्टर सुभाष सिंह को बताया कि वह टेस्टिंग रिपोर्ट लेने आई थीं। थाने में दरोगा और मुंशी का व्यवहार ठीक नहीं रहा है। इंस्पेक्टर सुभाष सिंह का कहना है कि दरोगा-मुंशी के व्यवहार के लिए उन्होंने डिप्टी एसपी से माफी मांग ली है।

हालाँकि ये कोई पहली बार नहीं है जब देश की किसी जाबांज महिला अधिकारी ने अचानक पुलिस थाने में धमक कर लोगों को हैरान कर दिया हो, इससे पहले भी IPS रवीना त्यागी ने भी कुछ ऐसा किया था जिसे जानकर आपको भी होगा उनपर गर्व|

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर अमल शुरू हो गया है|  चुनाव के पहले ही अपने संकल्प पत्र में भाजपा ने जनता से महिलाओं और छात्राओं के साथ लगातार हो रहे बलात्कार और अभद्रताओं से निजात दिलाने की बात कही थी, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में प्रदेश में बढ़ रहे अपराध और कानून व्यवस्था को दुरुस्त किये जाने का भी वादा किया था|

बरेली के एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए तेज तर्रार आईपीएस अफसर रवीना त्यागी के नेतृत्व में एंटी रोमियो का गठन किया है| इसके लिए कुछ दिन पहले रवीना त्यागी खुद सादे कपड़ों में कॉलेजों के बाहर जांच करने निकलीं|

रवीना त्यागी का कहना है कि यह अभियान अब लगातार ज़ारी रहेगा| वहीँ पुलिस के इस अभियान से छात्राएं बहुत खुश नज़र आ रही हैं और इस मुहिम के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ़ भी की है| जिस वक्त रवीना अपने इस मुहिम के लिए सादे कपड़ों में छापे मार रही थीं  तभी उसी वक्त कुछ मनचले बाइक पर मजे से धुएं के छल्ले उड़ा रहे थे, तभी जब एक युवक को आईपीएस ने टोका तो उन्हीं के मुंह पर सिगरेट का धुआं छोड़ दियाl  ऐसी हरकत के बाद इन मनचलों को हिरासत में ले लिया गया l

देखिये वीडियो: 

जब छात्राओं से इस बारे में बात की गयी तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए प्रदेश को भ्रष्टाचार और अपराधों से मुक्त होने की बात कही और साथ ही छात्राओं का यह भी कहना है कि जब से यह एंटी रोमिओ ऑपरेशन चला है तब से वे बहुत सुरक्षित महसूस कर रही हैं l