यूपी विधानसभा में मिला PETN

12 जुलाई को यूपी की विधानसभा में विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया था. जिसको मामूली सा पाउडर समझा जा रहा था वो PETN निकला. ये बहुत ही खतरनाक विस्फोटक है और आम जनता तक इसकी पहुँच होना तो लगभग नामुमकिन बात है. इस विस्फोटक का इस्तेमाल आतंकवादी आतंक की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करते हैं. PETN का पूरा नाम  ‘पेनटेरीथ्रिटोल ट्राईनाइट्रेट’ है. इसका रंग चीनी के जैसा सफ़ेद होता है.

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क्या होता है PETN 

पेनटेरीथ्रिटोल ट्राईनाइट्रेट (PETN) इतना खतरनाक विस्फोटक है कि ये आसानी से पकड़ा भी नहीं जा सकता. मेटल डिटेक्टर भी इसको पकड़ नहीं पाते क्योंकि इसका स्वभाव प्लास्टिक जैसा होता है जिस वजह से डिटेक्टर भी इसे पकड़ने में नाकाम होते हैं. इसके अणुओं का दबाव बहुत कम होता है जिस वजह से स्निफर डॉग भी इसे पकड़ नहीं पाते. ये विस्फोटक पांच सबसे खतरनाक विस्फोटकों में से एक है.ज्यादा गर्मी होने पर भी ये विस्फोटक धमाका कर देता है.

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PETN की थोड़ी सी मात्रा भी हो सकती है घातक 

पीईटीएन की विस्फोटक क्षमता इतनी खतरनाक होती है कि इसकी बहुत कम मात्रा भी बहुत बड़ी तबाही को अंजाम दे सकती है. अक्सर आतंकवादी किसी बड़े धमाके के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. आतंकवादियों की ये पहली पसंद है. इस विस्फोटक का केवल 100 ग्राम ही एक कार को आसानी से उड़ा सकता है. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि इसकी क्षमता कितनी अधिक होगी.

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दिल्ली में भी हुआ था इसी विस्फोटक का इस्तेमाल 

आतंकवादियों द्वारा इस विस्फोटक का इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है. 7 दिसंबर 2011 को दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर जो धमाका हुआ था उसमें भी आतंकवादियों ने इसी विस्फोटक PETN का इस्तेमाल किया था. इस धमाके से पूरा देश दहल गया था. इस विस्फोट में 11 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी और 50 के करीब लोग घायल हो गए थे. आतंकवादियों ने 2001 में मियामी में एक अमेरिकी ज़हाज को उड़ाने की साजिश रची थी जिसमें वो सफल नहीं हो पाए थे. इस घटना को अंजाम देने के लिए भी आतंकियों ने PETN का ही उपयोग किया था.

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यूपी के सीएम ने की अपील

इस विस्फोटक के मिलने के बाद विधानसभा में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम किसी भी व्यक्ति विशेष को सुरक्षा में छूट नहीं दे सकते. सीएम ने आगे कहा कि, हम एअरपोर्ट पर भी जांच करवाके ही आगे जाते हैं इसलिए सदन में आने पर भी सबकी जांच होनी चाहिए. सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कौन कर रहा है इसकी भी पुख्ता जांच की बात उत्तर प्रदेश के सीएम ने बोली.

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती से ये बात भी कही कि बिना पास के किसी भी वाहन को अन्दर न आने दिया जाए. विधायकों को भी सीएम योगी ने कहा कि असेंबली में मोबाइल फोन लेकर न पहुंचे और अगर कोई लाता भी है तो उसे साइलेंट कर के रखा जाए. उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक भाषण देना चाहता है तो नोटबुक अपने साथ लेकर आए. विधानसभा जैसे संवेदनशील और अति महत्वपूर्ण स्थान पर घातक PETN विस्फोटक मिलना चिंता का विषय है. अगले महीने भारत का स्वतन्त्रता दिवस है तो ऐसे में हो सकता है कि आतंकवादी किसी बड़ी साजिश की तैयारी कर रहे हों. ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्कता है. सुरक्षा में थोड़ी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है.