नेहरु परिवार के काले किस्सों के बारे में आप सभी जानती ही होंगे, यह वही परिवार है जिसने भारत को अंग्रेजों के हाथों बेच खाया था.  इन दिनों इस पंडित जवाहरलाल नेहरु से जुड़ा एक किस्सा वायरल हो रहा है.  आपको जानकर हैरानी होगी कि नेहरु ने राजेन्द्र प्रसाद को राष्ट्रपति न बनाने के लिए एक झूठ बोला था और बाद में पकड़े जाने पर माफ़ी भी मांगी.

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17 जुलाई को हैं राष्ट्रपति चुनाव…

जैसा की आप सभी जानते हैं आने वाली 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव आने वाले हैं. बीजेपी कि तरफ से रामनाथ कोविंद और विपक्ष की तरफ से मीरा कुमार इस पद के लिए दावेदार बनी हैं. इस बार चुनाव काफी मजेदार होने वाले हैं.

 

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पहले ही राष्ट्रपति चुनाव में बोला गया है झूठ…

आज आपको पहले राष्ट्रपति चुनाव के बारे में बताते हैं और उससे जुड़ा सबसे बड़ा विवाद भी. यूं तो भारत में चुनाव हमेशा से ही विवादों में रहे हैं लेकिन पहला राष्ट्रपति चुनाव ही अपनी आप में काफीविवाद भरा था.  पहले राष्टपति पद पर नेहरु नहीं चाहते थे कि राजेन्द्र प्रसाद बैठें और इसके लिए उन्होंने बेहद ही घिनौनी चाल चली थी.

 

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किताब से हुआ बड़ा खुलासा…

हाल ही में एक किताब से खुलासा हुआ है कि पूर्व खुफिया अधिकारी आर एन पी  सिंह ने दावा किया है कि नेहरू ने राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए झूठ तक का सहारा लिया था, किताब में लिखा है कि 10 सितम्बर 1949 को नेहरु ने एक पत्र राजेन्द्र प्रसाद को लिखा था और उस पत्र में कुछ ऐसा लिखा था जिसे पढ़ते ही राजेन्द्र प्रसाद को झटका लगा था.

 

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पत्र से पकड़ा गया झूठ…

पत्र में नेहरु ने साफ़-साफ़ लिखा था कि उन्होंने और सरदार पटेल ने एक फैसला लिया है. उस फैसले के अनुसार हमने( नेहरु ने और सरदाल पटेल)  सोचा है आपको नहीं बल्कि सी राजगोपालाचारी को भारत का पहला राष्ट्रपति बनाना सबसे बेहतर होगा.  ज़ाहिर सी बात है नेहरु के इस पत्र को पढ़कर राजेन्द्र प्रसाद काफी निराश हुए और फिर उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जो किसी ने नहीं सोचा था.

 

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जब सरदार पटेल को पता चला तो…

नेहरु के इस पत्र की एक कॉपी राजेन्द्र प्रसाद ने तुरंत सरदार पटेल के पास भेजी जो उस समय मुंबई में थे और वहीं से नेहरु की पोल खुल गई.  जैसे ही सरदार पटेल ने वो पत्र पढ़ा उन्हें काफी अचंबा हुआ और उन्होंने जवाब में कहा कि उनकी नेहरु से इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है.

 

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राजेन्द्र प्रसाद ने लिखा नेहरु को पत्र…

इसके कुछ दिन बाद 11 सितम्बर को नेहरु ने अपनी गलती तब मानी जब राजेन्द्र प्रसाद ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में पत्र लिखकर कहा कि मैं इस पद का ज्यादा बेहतर हक़दार हूँ. पार्टी में मैंने जो काम किया है वो ज्यादा महत्व रखता है. इस पत्र को पढ़ने के बाद नेहरु को काफी बुरा लगा और उन्होंने जवाब में अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखा कि इसमें सरदार पटेल का कोई दोष नहीं है.

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नेहरु ने पत्र को आगे जारी करते हुए लिखा था कि मैंने बिना किसी विचार-विमश के ऐसा लिखा है और इसमें पटेल का कोई हाथ नहीं है.  इसके बाद नेहरु ने पूरा मामला सरदार पटेल के ऊपर दाल दिया और उन्हें पत्र लिखकर कहा कि आप ही इससे निपटें. नेहरु ने पटेल को जो पत्र भेजा था उसमें अपनी गलती के बावजूद कहा था कि उन्हें राजेन्द्र प्रसाद के इस व्यवहार से काफी अजीब लगा है जबकी खुद उनकी गलती थी.