दुनियाभर में अनेकों ऐसी जगह हैं जो रहस्यों से भरी पड़ी हैं।  इनमे से कई जगहों के रहस्यों को वैज्ञानिक आज तक जरा भी सुलझा नहीं पाये है जबकि कई जगहों के रहस्यों को आंशिक रूप से सुलझा सके है हालांकि अंतिम नतीजे पर पहुँचने के लिए अभी रिसर्च जारी है। आज इस पोस्ट में हम आपको 10 और ऐसी जगहों के बारे में बता रहे है । इनमे से कुछ जगह तो पर्यटकों के लिए हॉटस्पॉट बन चुकी है।

1. ब्लड फॉल्स, अंटार्कटिका  (Blood Falls, Antarctica) :-

ब्लड फॉल्स, अंटार्कटिका (Blood Falls, Antarctica)

Photo: National Science Foundation

अंटार्कटिका का टेलर ग्लेशियर पर जमी बर्फ में एक जगह ऐसी भी है, जहां से लाल रंग का झरना बहता है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि इस झरने से खून बह रहा हो। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस पर कई शोध किए लेकिन कोई निश्चित नतीजा नहीं निकाल पाए। उनका एक अनुमान यह है की इस जगह बर्फ के नीचे शायद लौह तत्व की अधिकता है जो की पानी को लाल रंग देते है। हालांकि यह लाला झरना अभी भी रहस्य बना हुआ है।

 

2. मैगनेटिक हिल, मॉन्कटन, न्यू ब्रंसविक (Magnetic Hill, Moncton, New Brunswick) :-

मैगनेटिक हिल, मॉन्कटन, न्यू ब्रंसविक (Magnetic Hill, Moncton, New Brunswick)

यह मैगनेटिक हिल अपने आप में खास है। इस हिल पर ऐसा मैगनेटिक प्रभाव है कि बिना स्टार्ट किए ही गाड़ी चलने लगती हैं। इस हिल का पता 1930 में चला था। इस जगह के रहस्य के बारे पता लगाने का काम अभी भी जारी है। यह जगह आज एक टूरिस्ट प्लेस बन चूका है। हमारे भारत के लद्दाख क्षेत्र में भी एक मैगनेटिक हिल है। जिसके बारे में आपको फिर कभी विस्तार से बताएंगे।

 

3. सरट्से, आइसलैंड  (Surtsey, Iceland):-

सरट्से, आइसलैंड (Surtsey, Iceland):

आइसलैंडिक आइलैंड भी किसी रहस्य से कम नहीं है। 1963 से पहले इस आइलैंड का अस्तित्व ही नहीं था। 1963 में यहाँ पर पानी के अंदर से अचानक एक ज्वालामुखी फटा। ज्वालामुखी में लगातार 1967 तक विस्फोट होते रहे, और साथ ही जवालामुखी का आकर और ऊंचाई बढ़ती रही। 1967 में जब वोल्केनो बिलकुल शांंत हुआ तो यहाँ पर एक आइलैंड बाकी रह गया।

 

4. मोराकी पत्थर, न्यूजीलैंड (Moeraki Boulders, New Zealand) :-

मोराकी पत्थर, न्यूजीलैंड (Moeraki Boulders, New Zealand)

Photo: Karsten Sperling

साउथ आइलैंड न्यूजीलैंड के ईस्ट कोस्ट में स्थित कोई कोहे बीच पर 12-12 फीट के पत्थरों का ढेर किसी अजूबे से कम नहीं है। यह पत्थर दिखने में सीप और मोती की तरह है। इन पत्थर नुमा संरचना का निर्माण लाखो सालो में किसी जीवाश्म या ठोस चीज़ के चारो और समुद्री रेत के जमने से हुआ है। ऐसी संरचनाए विशव में कई जगह पाई जाती है पर यहाँ पर यह संरचना सबसे बड़े आकार में पाई जाती है।

 

5. लोंगयेरब्येन, नॉर्वे (Longyearbyen, Norway) :-

लोंगयेरब्येन, नॉर्वे (Longyearbyen, Norway)

Photo: Chris Jackson / Getty Images

स्वालबार्ड, आर्कटिक सागर के ग्रीनलैंड में नार्वे द्वीप समूह है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां 20 अप्रैल से 23 अगस्त तक सूरज अस्त ही नहीं होता है। रात हो या दिन सूरज दिखता ही है।

 

 

6. पमुक्कले, तुर्की (Pamukkale, Turkey) :-

पमुक्कले, तुर्की (Pamukkale, Turkey)

Photo: Getty Images

तुर्की के पमुक्कले में स्तिथ यह जगह अपने आप में एक अजूबा है।  यहां पर 17 प्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स है। यह प्राकर्तिक गर्म पानी के झरने यहाँ पर हज़ारो सालो से है।  इन झरनो के पानी में स्तिथ खनिजों के बाहरी हवा के संपर्क में आने से कैल्शियम कार्बोनेट बनता है जो की हज़ारो सालो से इन झरनो के किनारो पर जमा हो रहा है जिससे इन झरनो ने  स्विमिंग पूल जैसा आकार ले लिया है। इन हॉट स्प्रिंग्स में पानी का तापमान 37 डिग्री से 100 डिग्री के बीच रहता है। चुकी इस तरह के प्राकर्तिक गर्म पानी में नहाना हमारे शरीर खासकर त्वचा के लिए विशेष फायदेमंद रहता है। इसलिए यहाँ पर काफी संख्या में लोग आते है।

 

7. इंटरनल फ्लेम फॉल्स, ऑर्चेड पार्क, न्यूयार्क (Eternal Flame Falls, Orchard Park, New York) :-

इंटरनल फ्लेम फॉल्स, ऑर्चेड पार्क, न्यूयार्क (Eternal Flame Falls, Orchard Park, New York)

Photo: MPMA Jewski

यहां पर एक छोटा सा झरना बहता है, जिसमें एक जलती हुई लौ दिखाई देती है। देखने वालों को आश्चर्य होता है कि आखिर यह लौ जल कैसे रही है। शोध करने के बाद वैज्ञानिकों को पता चला की वहां पर चट्टानों के नीचे से मीथेन गैस निकलती है। संभवतया 20 वि शताब्दी की शुरुआत में किसी ने इस मीथेन गैस में आग लगा दी। जब से लगातार जल रही है। भारत में भी हिमाचल के कांगड़ा में स्तिथ माता के एक प्रमुख शक्ति पीठ ज्वालामुखी देवी के मंदिर में नौ प्राकर्तिक ज्वाला प्राचीन काल से निरंतर जल रहीहै।

 

8. खिसकते पत्थर – डेथ वैली, कैलिफोर्निया  (Moving Stones – Death Valley, California) :-

खिसकते पत्थर - डेथ वैली, कैलिफोर्निया (Moving Stones - Death Valley, California)

Photo: Getty Images

कैलिफोर्निया की डेथ वैली में कुछ पत्थरों का खुद ब खुद खिसकना नासा के लिए भी अबूझ पहेली बनी हुई है। रेसट्रैक प्लाया 2.5 मील उत्तर से दक्षिण और 1.25 मील पूरब से पश्चिम ततक बिल्कुल सपाट है। लेकिन यहां बिखरे पत्थर खुद ब खुद खिसकते रहते हैं। यहां ऐसे 150 से भी अधिक पत्थर हैं। हालांकि, किसी ने उन्हें आंखों से खिसकते नहीं देखा। सर्दियों में ये पत्थर करीब 250 मीटर से ज्यादा दूर तक खिसके मिलते हैं। 1972 में इस रहस्य को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गई। टीम ने पत्थरों के एक ग्रुप का नामकरण कर उस पर सात साल अध्ययन किया। केरीन नाम का लगभग 317 किलोग्राम का पत्थर अध्ययन के दौरान जरा भी नहीं हिला। लेकिन जब वैज्ञानिक कुछ साल बाद वहां वापस लौटे, तो उन्होंने केरीन को 1 किलोमीटर दूर पाया। अब वैज्ञानिकों का यह मानना है कि तेज रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण ऐसा होता है।

 

9. ओल्ड फेथफुल, येलोस्टोन नेशनल पार्क (Old Faithful, Yellowstone National Park) :-

 ओल्ड फेथफुल, येलोस्टोन नेशनल पार्क (Old Faithful, Yellowstone National Park)

Photo: AFP / Getty Images / Mark Ralston

येलोस्टोन नेशनल पार्क में दुनिया के सबसे ज्यादा प्राकर्तिक गीजर मिलते है।  प्राकर्तिक गीज़र एक तरह से गर्म पानी का फव्वारा होता है पर जिसमें पानी जमीन के अंदर से एक फाउंटेन के रूप में निकलता है। इस पार्क में करीब 300  प्राकर्तिक गीज़र है।  लेकिन इन सबमे सबसे प्रसिद्द है ओल्ड फेथफुल। यह दुनिया का सबसे ऊंचा गर्म पानी का फव्वारा है। इसमें नियमित रूप से विस्फोट होता रहता है।  लेकिन इनमे होने वाले विस्फोटो का मिजाज आज ताज भूगर्भशास्त्रियों के लिए पहेली बना हुआ है।  क्योंकि इनमे होने वाले विस्फोटो का कोई निश्चित क्रम नहीं है।

 

10. रेलैमपागो डेल काटाटूमबो, ओलोगा (Relampago del Catatumbo, Ologa, Venezuela) :-

10. रेलैमपागो डेल काटाटूमबो, ओलोगा (Relampago del Catatumbo, Ologa, Venezuela)

Photo: Wikipedia Commons

वेनेजुएला के पश्चिम दक्षिण क्षेत्र के किनारे माराकैबो लेक है। इस झील के कोने में पहाड़ों के ऊपर दुनिया की सबसे तेज आवृत्ति से बिजली चमकती है। यहाँ पर प्रति वर्ग किलोमीटर में हर साल 250 बार बिजली चमकने का रिकॉर्ड है।  बिजली चमकने का पीक टाइम मई और अक्टूबर है जब यहाँ पर हर रात 200 से ज्यादा बार बिजली चमकती है। इस झील के पास से गुजरने वाले अक्सर इस नजारे को देखते हैं।