भारत को आतंक मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए मोदी सरकार का एक और हाईटेक कदम !

पठानकोट जैसे हमलों से भारत को सुरक्षित करने के लिए मोदी सरकार ने भारत-पाक सीमा पर 5 चक्रीय सुरक्षा घेरा तैयार किए जाने का निर्णय किया है l भारत-पाक सीमा को घुसपैठियों की पहुंच से दूर रखने के लिए केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस हाईटेक प्लान के जरिए भारत में सुरक्षा बढाने की बात कही हैं l गौरतलब है कि भारत में बढ़ते आतंकवादी हमलों को मद्देनजर रखते हुए ये कदम उड़ाया गया है l पठानकोट हमले से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ लगी 2900 किलोमीटर लंबी पश्चिमी सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

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इस योजना के अमल होने पर 2900 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल बॉर्डर को पूरी तरह लॉक कर दिया जाएगा। चौबीसों घंटे नई तकनीक से सीमा की निगरानी की जाएगी। सरकार की इस तकनीक के जरिए सीसीटीवी के जरिए दूसरी ओर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी l

 

हालाँकि ये कदम सरकार का आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, केंद्र का मानना है कि इसी तरीकें से भारत में सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है l इसके जरिए पश्चिमी सीमा को पूरी तरह लॉक कर दिया जाएगा l इस योजना से सीमा के दोनों तरफ नजर रखी जाएगी l इस योजना के तहत सीमा के दोनों तरफ पर नजर रखी जा सकेगी।

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इससे ना सिर्फ आतंकियों की घुसपैठ पर नजर रख पाना संभव होगा बल्कि इसके जरिए वैसे लोग भी पकड़ में आ सकेंगे जो आतंकियों के घुसपैठ के लिए भारत में मदद करते हैं। ये सिस्टम इतना प्रभावशाली होगा कि अगर गलती से किसी यंत्र में कोई खराबी आ जाएं तो खुदबखुद कण्ट्रोल रूम से कमांड दी जाएगी l

 

थर्मल इमेज और नाइट विजन डिवाइस की मदद ली जाएगी। बॉर्डर पर सर्विलांस (निगरानी) राडार भी लगेंगे, जिससे हर एक्टिविटी पर निगाह रखी जा सके। लेजर बैरियर्स लगेंगे ताकि पाक की तरफ से आने वाले आतंकी का पता चल सके। जमीन के अंदर मॉनिटरिंग सेंसर्स बिछाए जाएंगे। हर एक किलोमीटर पर ये सिस्टम लगाने में एक करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

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सरकार की मानें की इस सीआईबीएम्एस यानि कॉम्प्रिहेंसिव बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम तकनीक के जरिए 24*7*365 सीमा की निगरानी मुमकिन है। यानि की हर वक़्त सीमा पर नजर रखी जा सकेगी l एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो पठानकोट जैसे हमले, खुसपैठी और तस्करी जैसी सम्साओं के लिए ये एकमात्र समाथान है l