भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर जो तनातनी चल रही है उसपर सारी दुनिया की नजरें बनी हुई हैं. अमेरिका से लेकर जापान तक हर देश इस मुद्दे पर निगाहें रखे हुए है. चीन की नापाक हरकतों को लेकर भारत के लोग और नेता भी चिंतित हैं. हर नेता इस मुद्दे को लेकर अपनी राय दे रहा है ऐसे में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के रक्षामंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर एक बयान दिया है.

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लोकसभा में मुलायम सिंह ने दागे सवाल 

बुधवार को, बॉर्डर पर चीन की वजह से जो तनाव बना हुआ है उसको लेकर संसद में चर्चा हुई. लोकसभा में सपा के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने बयान दिया कि, भारत का सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन है उन्होंने चीन को भारत का दुश्मन नंबर एक बताया. मुलायम सिंह ने सरकार पर सवाल दागते हुए पूछा कि, चीन के हमले के जवाब के लिए और भूटान की रक्षा करने के लिए सरकार क्या अहम कदम उठा रही है?

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चीन को लेकर मुलायम सिंह ने अपनी स्पीच के दौरान जो अहम् बातें कहीं वो ये थी-

1- सबसे बड़ी भूल हुई जो आपने तिब्बत को चीन को दे दिया
2- मेरे और सोमनाथ चटर्जी द्वारा कहा गया था कि तिब्बत देने से चीन को रास्ता मिल जाएगा
3. चीनी हमले को लेकर सरकार ने क्या तैयारी की हैं ?
4. भारत को सबसे बड़ा दुश्मन मानता है चीन.
5. चीन और पाकिस्तान के द्वारा कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है.
6. चीन भूटान पर कब्ज़ा कर रहा है
7. हमें तिब्बत की आज़ादी का फिर से समर्थन करना चाहिए

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आपको बता दें कि डोकलाम को लेकर जो तनातनी चल रही उसपर विवाद धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. इसी बीच खबर आ रही है कि चीन ने तिब्बत में सैन्य अभ्यास के बहाने हज़ारों टन सैन्य साजोसामान भेज दिया है. मीडिया में आई ख़बरों को माना जाए तो ये इज़ाफा सिक्किम की सीमा के पास नहीं बल्कि पश्चिम में शिनजियांग प्रांत के पास उत्तरी तिब्बत की तरफ किया गया है. इन सारी खबरों को ध्यान में रखकर ही मुलायम ने चेतावनी के तौर पर सरकार से सवाल पूछे होंगे.

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चीन की सेना के अखबार PLA डेली के हवाले से साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट में खबर छपी है जिसमें लिखा गया है कि, ‘अशांत तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में पश्चिम थिएटर कमांड द्वारा उत्तरी तिब्बत के कुनलुन पर्वतों के दक्षिण में सैन्य साजोसामान भेजा गया है लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई है कि साजोसामन की यह तैनाती उसके सैन्य अभ्यास के लिए है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है. जिस तरह की स्थिति भारत-चीन के बीच बनी हुई है तो ये कहना गलत नहीं होगा कि चीन कोई नापाक हरकत भी कर सकता है. भारत को सचेत होकर इन सारी हरकतों पर नज़र रखनी चाहिए.

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चीन की नापाक हरकतें बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं. वो कहता कुछ है और करता कुछ और है. उसके द्वारा जो भी काम किया जा रहा है उसके पीछे सबसे बड़ी वजह है उसकी पूँजीवादी सोच. वो एशिया में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है इसी वजह से अपने पड़ोसी मुल्कों पर दबाव बना रहा है. चीन पड़ोसी मुल्कों की सीमाओं पर अतिक्रमण करने की कोशिश करता है और जब वो देश उसके खिलाफ कदम उठता है तो चीन प्रताड़ित किये जाने वाले देश को ही दोषी करार दे देता है. चीन ना तो किसी की भावनाओं को समझता है और ना ही खुद के हितों के आगे किसी तरह का समझौता करता है. हालांकि ये बात तो साफ़ है कि चीन चाहे जितनी भी कोशिशें कर ले वो किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता और खासकर भारत का तो बिल्कुल नहीं क्योंकि भारत से उसके कई स्वार्थ जुड़े हैं और ऊपर से भारत आज के दौर में इतना शक्तिशाली हो गया है कि चीन भारत पर अगर युद्ध थोपता है तो उसको बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. उसके विकास की गति पूरी तरह से थम जाएगी.