समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक मुलायम सिंह यादव 22 अप्रैल(शनिवार) को इटावा में लोगों से बातचीत करने पहुंचे| वैसे तो मुलायम सिंह यादव सैफई जाने वाले थे लेकिन एकदम से उनका मूड बदला तो वे सीधा अपने लोगों से मिलने पहुँच गए|

आपको बता दें कि इस दौरान मुलायम सिंह यादव अपने पुराने अंदाज में नज़र आये लेकिन इस बार जो बदला था वो है जनता का उनके प्रति मिज़ाज| जी हाँ आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव जब जनता से मिलने पहुंचे और जब उनसे बातचीत की तो इस दौरान उनको वो सब सुनने को मिला जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद भी नहीं की होगी कि उनको भी कभी उन्हीं के लोग कुछ इस तरह से जवाब देंगे|

ये वो ही जनता है जो कल हर कदम पर मुलायम सिंह के साथ दिखती थी आज सत्ता में ना होने की वजह से उनके विपरीत खड़ी है और उनके सुर भी बदल गए हैं| आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव अपने परिवार में मची कलह की वजह से कुछ महीनों से अपनी जनता से पूरी तरह कट से गए थे और आज ऐसा हो गया है कि जिस जनता के चेहरों पर पहले मुलायम सिंह को देखकर एक उत्सुकता सी दिखाई देती थी आज मानों गायब सी हो गयी है|

इसी वजह से जब मुलायम यादव जनता ने मिलने पहुंचे तो उनसे मिलने बहुत ही कम लोग आये| वैस ये सब देखकर तो यही कहा जा सकता है कि समय-समय की बात है, मुलायम सिंह यादव को समझ जाना चाहिए कि जनता के पास पहले उनके अलावा कोई और दूसरा ज़रिया नहीं था तभी लोग आपके समर्थन में थे कि शायद कुछ भला हो जाये लेकिन कुछ नहीं हुआ| वैसे भी अब उत्तर प्रदेश की जनता के पास अब सपा-बसपा से भी मजबूत सहारा है और वो है भारतीय जनता पार्टीl योगी जी के नेतृत्व में मोदी जी के सपनों को जिस तरीके से साकार किया जा रहा है वो बेहद सराहनीय हैl

मुलायम यादव अपने पारिवारिक मुद्दों में ही व्यस्त थे और जतना इस आस में थी कि कोई तो हमारी पुकार सुनेगा, जिसे आज मुख्यमंत्री योगी जी ने सुना है| आज ये समय है कि वे तो सभी से मिलते हैं न जातिवाद, न धर्म, कुछ भी भेदभाव नहीं है,सब एक समान है| मुलायम सिंह यादव ने नई मंडी से लेकर बसरेहर तक कई लोगों से बात की और उनसे बड़े ही प्रेम के साथ कहा “आप लोग तो मुझे भूल ही गए हैं, अब तो कभी बुलाते भी नहीं”

जैसे ही मुलायम सिंह ने ऐसा बोला, तभी जनता ने उन्हें ऐसा जवाब दिया जिसे सुनते ही मानों मुलायम सिंह को सांप सूँघ गया होl दरअसल लोगों ने मुलायम को जवाब में कहा था कि नेता जी हमने तो हमेशा ही आपसे मिलने का प्रयास किया, लेकिन आप इतने दूर हो गये हम लोगों से कि हम कभी पहुँच ही नही पाएl ऐसा सुनते ही उदासहीनता के साथ नेता जी का चेहरा उतर गयाl सच ही है कि जनता जब चाहे, जिसको चाहे फर्श से अर्श तक पहुंचा दे, लेकिन अगर सत्ता के नशे में कोई डूब जाये तो जनता को नशा उतारना भी आता है l