आजकल सोशल मीडिया पर सेलेब्रिटीज को ट्रोल करना आम बात या यूँ कहिये फैशन ट्रेंड सा बन गया है. किसी सेलेब्रिटी ने छोटे कपड़े पहन लिए तो उसका ट्रोल, किसी ने बिकिनी शूट करा लिया तो उसका ट्रोल, किसी ने रमजान के मौके पर लोगों की “आस्था को ठेस पहुँचाने” वाले कपड़े पहन लिए तो ट्रोल. बात इतनी ही नहीं है. आजकल तो कई बार लोगों को ऐसी-ऐसी बातों पर भी ट्रोल किया जाने लगा है जिनमे ढूँढने निकलो तो शायद ही कुछ हाथ आये. सोशल मीडिया पर इनदिनों ट्रॉल्स का निशाना बने भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान. इरफ़ान पठान ने अपनी पत्नी के साथ एक तस्वीर साझा की थी जिसपर लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया.

 

जिस तस्वीर के चलते इरफ़ान पठान ट्रोल का शिकार हुए हैं दरअसल उस तस्वीर में इरफान और उनकी पत्नी एक कार में बैठे हुए हैं. तस्वीर में इरफान सेल्फी ले रहे हैं और उनके पास ही बैठी उनकी पत्नी अपना चेहरा छुपाने की पूरी कोशिश करती नज़र आ रही हैं. आपको बता दें कि क्रिकेटर इरफान पठान की पत्नी सफा बेग सऊदी अरब की मॉडल हैं.  हालाँकि सफा बेग ने तस्वीर में बुर्का पहना हुआ है लेकिन फिर भी लोग उनकी इस तस्वीर पर भड़क गए.

 

पत्नी के साथ सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक पर एक फोटो पोस्ट करते हुए पठान ने इस फोटो के साथ यह भी लिखा, ‘यह लड़की बड़ी मुसीबत है??#love #wifey’ . यह फोटो वाकई इरफान के लिए मुसीबत बन गई।  देखें कैसे लोगों ने इरफ़ान को तरह-तरह की नसीहत देनी शुरू कर दी. इरफान भी चुप रहने वालों में से नहीं थे उन्होंने भी लोगों का मुह बंद करने के लिए उसी फोटो को एक नए ट्वीट के साथ पोस्ट किया जो बेहद जवाब देई था.

 

आपको बता दें कि जैसे ही इरफान पठान ने जवाब देते हुए यह फोटो फिर से शेयर किया..तो लोग फिर भी चुप नहीं रहे और उन्होंने फोटो पर कमेंट करते हुए लिखा कि पत्नी की नुमाइश का इतना ही शौक है तो पूरा बुरका निकाल दो, हमारे मजहब का मजाक ना बनाओ।

पत्नी के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करने को लेकर जहाँ कुछ मुसलमान आपत्ति जता रहे थे तो वहीँ कुछ लोगों ने उनके ऐसे ट्वीट की जमकर तारीफ भी की है। इस तस्वीर पर एक मुसलमान ने आपत्ति जताई और उसने फोटो पर कमेंट करते हुए लिखा था कि पत्नी की नुमाइश का इतना ही शौक है तो पूरा बुरका निकाल दो, हमारे मजहब का मजाक ना बनाओ इरफ़ान पठान। ऐसे में इस आदमी को करारा जवाब देते हुए इरफान पठान ने एक और ट्वीट किया है जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं.

आपको बात दें कि कुछ यूजर्स तो यह तक लिख रहे हैं कि हम सब आपसे बहुत प्यार करते हैं और आपने कुछ गलत नहीं किया है। जो लोग आपके बारे में बुरा भला बोल रहे हैं वो लोग मुसलमान नहीं हो सकते क्योंकि इस्लाम में नफरत की कोई जगह नहीं होती।

तो आपने खुद देखा होगा कि लोगों के पास कितना फ़ालतू समय है कि वे लोग अपना काम न करते हुए लोगों के निज़ी जीवन में घुसना ज्यादा पसंद करते हैं और उसको भी अपने जाति मज़हब से जोड़ना शुरू कर देते हैं, जैसे कि मानों उनके धर्म में यही लिखा हो कि लोगों के निज़ी जीवन में घुसो और नसीहत दो, फिर चाहे उनके खुद के घर की महिलाएं उनसे खुद क्यों न परेशान हों लेकिन नहीं उनको अपना घर नहीं देखना होता दूसरों कि खुश हज़म नहीं होती बास दख्लन बाजी करना ज्यादा पसंद होता है इन्हें. ऐसे लोगों को शायद यह एहसास नहीं होता कि उन्हें कोई मुहतोड़ जवाब भी दे सकता है ठीक उसी तरह जिस तरह इरफ़ान पठान ने दिया है.