बहुत समय से एक शब्द सुनने को मिल रहा है, यूनिफार्म सिविल कोड आखिर ये है क्या ? क्यों मुस्लिमों का एक तलाक से काम नहीं होता ? क्यों इसका विरोध करते हैं मुस्लिम मौलवी और मुस्लिम मजहब के प्रचारक ? एक जैसे क़ानून से इन मुस्लिमों के परेशानी क्या है ? क्यों मुस्लिम औरतें इस प्रथा से छुटकारा चाहती हैं ? ऐसे ही कई सवाल हैं जिनका जवाब आपको यहाँ मिलेगा…

जी हाँ एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिससे साफ़ है कि क्यों कई मौलवी तीन तलाक को खत्म नहीं करना चाहते हैं l 

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अगर कोई व्यक्ति गुस्से में या चाहे पूरे होश में अपनी पत्नी के सामने तीन बार बोल दे तलाक या फिर कहे मैंने तुझे तीन तलाक दे दिए हैं तो तलाक हो जाता हैl जैसा कि बताया जाता है… ये शब्द उस व्यक्ति की कसम हैं जिसे अल्लाह सुनता हैl अगर पति कहे मैंने तुझे दो तलाक दे दिए हैं और तीसरा देना चाहता हूँ तो भी तलाक हो जाता हैl जिसको लेकर मुस्लिमों के सभी विद्वानों ने सहमती जताई हैl

इमाम इब्र कदम ने ये भी कहा है यदि कोई पति अपनी पत्नी से बिना तीन बार तलाक बोले ये भी कह दे मैंने तुझे तीन तलाक दिए हैं तो भी तलाक हो जाता है l

ऐसे में मुसीबत आती है उन महिलाओं की जिनके पति अनजाने में गुस्से में आकर उन्हें तलाक देते हैंl एक बार तलाक होने के बाद इतना आसान नहीं है वापस विवाह बंधन में आनाl अब गुस्से में शौहर ने बोल तो दिया हमे तलाक चाहिए सुबह उठकर जब गलती का पता चला तो समझ नहीं आया क्या करें? ऐसे में बेचारा पति अपनी मुंह बोली तलाक से पीड़ित बेगम को लेकर जाते हैं मौलवी के पास l

देखिए वीडियो में ऐसी ही एक कहानी जब एक मुस्लिम औरत भागते हुए आई और बताया मेरा तीन तलाक हुआ है तो देखिए क्या हुआ…

https://www.facebook.com/Indiandemocracy/videos/788470344664687/

तो क्या यही वजह है जो मौलवी 3 तलाक खत्म नही करना चाहते? यह भारत है, धर्म निरपेछ देश, कानून सबके लिए एक हो और मुस्लिम बहनों को सम्मान मिले, हलाला की आड़ मे मुस्लिम औरतों को सोना पड़ता है मौलवी के साथ ये शोषण बंद हो l