भारत के 14 वें राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद 

भारत के लिए 14 वें राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में शपथ लेंगे. मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को ख़त्म हो रहा है. जीत की घोषणा होने के बाद उन्होंने कहा ‘अपने समाज व देश का अथक सेवाभाव मुझे यहाँ तक ले आया है’. इसी के साथ कोविंद ने कहा कि इस पद पर रहते हुए संविधान की रक्षा करना तथा उसकी मान मर्यादाओं को बनाये रखना मेरा कर्तव्य रहेगा. नतीजा आने के बाद बीजेपी कार्यालय में कोविंद के सम्मान में कार्यक्रम रखा गया. जिसमे नरेंद्र मोदी व अमित शाह मौजूद रहे.    kovind kobfon

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66 प्रतिशत वोटों के साथ जीत दर्ज की 

रामनाथ कोविंद को करीब 66 प्रतिशत वोट के साथ सात लाख,दो हजार 644 वोट मिले वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को 34 प्रतिशत वोट के साथ तीन लाख 66 हजार 314 वोट मिले. इससे पहले तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में 69 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. रामनाथ कोविंद देश के दूसरे ऐसे दलित नेता होंगे जो देश के इस सर्वोच्च पद पर बैठेंगे. इनसे पहले 1997-2002 तक के समय में आर नारायणन देश के पहले दलित राष्ट्रपति चुने गये थे.

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पिता मैकू लाल चलाते थे परचून की दुकान

71 साल के रामनाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपूर में हुआ था.कोविंद उत्तरप्रदेश के कानपूर देहात के डेरापुर तहसील के परौख गांव के एक गरीब परिवार से आते हैं. कोविंद का सम्बन्ध कोली या कोरी जा से है जो कानपुर में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है. उनके पिता मैकू लाल स्थानीय वैद्य थे और परचून की दुकान चलाते थे। उनकी मां का नाम कलावती था। कोविंद के चार भाई और तीन बहनें हैं. पाचों भाइयों में कोविंद पर अपने पिता की छाप थी. उन्होंने अपने पिता से ही समाज के हित में काम करने की शिक्षा ली थी.

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जानें और भाई क्या करते हैं..

कोविंद के बड़े भाई प्यारे लाल कानपूर में एक कपड़ा व्यापारी हैं और कानपुर में ही रहते हैं तथा एक भाई मध्यप्रदेश में अकाउंट अफसर पद से रिटायर हुए हैं. वह फ़िलहाल में मध्यप्रदेश के गुना में रहते हैं तथा एक भाई सरकारी स्कूल में टीचर के रूप में कार्यरत हैं. कोविंद के परिवार में बाकी के लोग साधारण जीवन व्यतीत करते हैं. रामनाथ कोविंद की पत्नी रिटायर्ड सरकारी सेवक हैं. कोविंद के एक लड़का जिसका नाम प्रशांत तथा एक बेटी जिसका नाम स्वाति है.

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वकालत से लेकर राष्ट्रपति बनने तक का सफ़र 

वकालत की उपाधि लेने के बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायलय में वकालत की शुरुआत की. कोविंद 1977-1979 तक केंद्र सरकार के वकील रहे.जिसके बाद वह राज्यसभा के सदस्य रहे तथा 8 अगस्त 2014  को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई. कोविंद ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी तीसरी बार में ही निकाल ली थी. कोविंद सन 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे.सन 1994 में कोविंद उत्तरप्रदेश राज्य से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसी के साथ वर्ष 2000 में पुनः राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए.

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इसी प्रकार कोविंद लगातार 12 वर्ष तक राज्यसभा के सदस्य रहे. आपको बता दें कि रामनाथ कोविंद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता भी रहे हैं.भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह ने सर्व सहमति से एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया था. जिसके बाद रामनाथ कोविंद ने विपक्ष यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार को लगभग 3 लाख 34 हजार वोटों के अंतर से हराया है!