हिंदुस्तान एक विविधताओं का देश है और यहाँ पर कई धर्मों के लोग रहते हैं और अक्सर देखा जाता है कि इनके बीच कभी कभी संघर्ष होता रहता है लेकिन वाराणसी से एक ऐसा मामला सामने आया है जो हिन्दू-मुस्लिम के बीच खड़ी दीवार को ठोकर मारती है. दरअसल अभी कुछ दिनों से जिस तरीके से देश के अंदर माहौल ख़राब करने की साजिश चल रही है उसको देखते हुए ये मामला उन सभी पर तमाचा है जो हिन्दू और मुस्लिमों को आपस में लड़ाने का कार्य करते हैं.पश्चिम बंगाल में हुए दंगों को केंद्र में रखकर बात करें तो सिर्फ फेसबुक की एक पोस्ट पर दंगा करने का प्रयास किया गया ऐसे लोगों को इस खबर को को जरुर पढ़ना चाहिए और सीख लेनी चाहिए इस मुस्लिम महिला जिसने हिन्दू-मुस्लिम एकता को दर्शाया है.

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आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों से धार्मिक हिंसा को लेकर की काफी ख़बरें आती हैं और कुछ तो सरकार को बदनाम करने के लिए भी होती हैं. जिस तरीके से धार्मिक कट्टरता बढ़ती जा रही है उसको देखते हुए हिंदू और मुसलमानों के बीच धर्म की खाई भी बढ़ती जा रही है और यही कारण है कि उन्हें लड़ाने की लाख कोशिशें की जाती हैं लेकिन इस माहौल में वाराणसी की मुस्लिम महिला आलम आरा ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया है जिससे सबको सीख लेनी चाहिए.

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आपको बता दें कि वाराणसी की आलम लगभग 17 सालों से शिवलिंग बनाते आ रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि वो खुद मुस्लिम हैं फिर वो शिवलिंग क्यों बनाती हैं, तो उन्होंने सवाल पर तीखा जवाब देते हुए साफ कर दिया कि वो हिंदू-मुस्लिम नहीं बल्कि एक हिंदुस्तानी हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘यह कला तो भगवान का तोहफा है और इसे हम प्यार से बनाते हैं.’

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कुछ लोगों को परेशानी इस बात से भी हो सकती है कि आलम इसी काम को लेकर जीवनयापन करती हैं और उनकी यही साधना है. इस काम करते-करते उन्हें शिव जी बहुत लगाव हो गया है. उन्होंने कहा, ‘शिवलिंग बनाना हमारी रोजी है. ये जो लोग हिन्दू-मुस्लिम करते हैं, मेरे लिए हिंदू-मुस्लिम कुछ नहीं होता है, मरे सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं.’ जाहिर सी बात है जिस तरीके से आलम ने जवाब दिया है उससे उन लोगों को करारा झटका लगेगा जो देश का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं.

इस मुस्लिम ने वेद और श्रीमद्भगवत् गीता पर जो कहा उसे सुनकर आप..

भारत एक ऐसा देश हैं जहां कई तरह के लोग रहते हैं और हर धर्म को सम्मान करते हैं l यह कहना गलत नहीं होगा इन दिनों कुछ लोगों ने धर्म के कारण बुरी तरह से लड़ रहे हैं और ज़िम्मेदार सरकार को बताते हैं l जहां एक तरफ आये दिन हिन्दू मुस्लिम झगड़े होते हैं वहीं दूसरी तरफ एक तरफ एक ऐसा मुसलमान भी है जिसने श्रीमद्भगवत् गीता के जरिए जो सन्देश दिया है उसे जानकर  आपको यकीन नहीं होगा l  जो वीडियो हम आपको दिखाने वाले हैं उसे देखने के बाद आप यकीन नहीं कर पाएंगे..

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मुस्लिम योव्क ने  बताया कि भगवान और अल्लाह एक ही हैं। ये तो इंसान हैं जो आपस में भेदभाव करते हैं। वीडियो में दिख रहे शख्स ने कहा, “भगवत गीता में पहला संदेश वाहदत-ए-खुद और दूसरा संदेश वाहदत-ए-इंसानियत का दिया गया है।” वाहदत-ए-खुद का मतलब ईश्वर एक है और वाहदत-ए-इंसानियत मतलब सभी इंसान एक साथ हैं।

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वीडियो में युवक ने वेदों में लिखे एक श्लोक का उच्चारण किया, जोकि इस प्रकार है,
“अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम् ।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् ॥”

देखिये वीडियो ! 

शख्स ने कहा कि जिन लोगों का सोच छोटी होती है वही अपनों और परायों की बात करते हैं, लेकिन जिन लोगों का दिल और दिमाग ऊंचा होता है वह इस तरह रहते हैं मानों पूरा संसार ही उनका परिवार हो.