भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1942 में स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व सांसद फिरोज गांधी से लव मैरिज की थी. आपको बता दें कि इंदिरा गांधी को फिरोज गांधी से प्यार उस वक्त हुआ था जब वे दोनों साल मार्च 1930 में एक दूसरे से मिले थे. उस वक्त आजादी की लड़ाई में एक कॉलेज के सामने धरना दे रही कमला नेहरू यानी इंदिरा की माँ बेहोश हो गई थीं. तभी फिरोज गांधी ने उनकी काफी देखभाल की थी। फिरोज गांधी ने इंदिरा गांधी को इम्प्रेस करने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी इसीलिए जब कमला नेहरु अपने इलाज के लिए यूरोप गईं तो वे वहां भी उन्हें देखने पहुंच गए।

 

साल 1936 में जब कमला नेहरू का निधन हुआ तब भी फिरोज गांधी वहां मौजूद थे। शायद यहीं वजह है कि इंदिरा गांधी अपना दिल फिरोज गांधी को देने से नहीं रोक पायीं थी और उन्होंने फिरोज गांधी से शादी करने का फैसला कर लिया था. हालाँकि इंदिरा गांधी के पिता जवाहर लाल नेहरू को फिरोज गांधी बिलकुल पसंद नहीं थे, फिर भी इंदिरा ने पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर मार्च 1942 में शादी कर ली थी.

 

इंदिरा गांधी और फ़िरोज़ गांधी के इस रिश्ते को केवल महात्मा गाँधी ने अपनी मंज़ूरी दी थी, इसलिए उन्होंने इंदिरा और फिरोज को अपना सरनेम गांधी दिया था. बाद में जवाहर लाल नेहरू ने भी इस रिश्ते को अपनी मंजूरी दे दी लेकिन कुछ ही दिनों के बाद जब इंदिरा को अपने पिता से अपने इस रिश्ते की मंज़ूरी मिली तो वहीँ इंदिरा की शादी में दरार पड़नी शुरू हो गई थी.

आपको मालूम नहीं होगा लेकिन आपको बता दें कि जैसे ही इंदिरा गांधी अपनी इस शादी से परेशान रहने लग गई तो उन्होंने बिना समय गवाएं अपने पिता के घर रहना शुरू कर दिया था. वहीँ इंदिरा गांधी के पति फ़िरोज़ गांधी को तीन मूर्ति भवन में रहना कतई पसंद नहीं था. साथ ही फ़िरोज़ गाँधी के कई महिलाओं के साथ नाजायज संबंध भी थे.

वहीँ एक बार फ़िरोज़ गांधी के जीवनीकार बर्टिल फ़ाल ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था कि लंदन में भी जब फ़िरोज़ गांधी, इंदिरा गाँधी से इश्क फरमा रहे थे. तो वहां भी फ़िरोज़ इंदिरा के साथ-साथ एक और अंग्रेज़ लड़की के साथ भी इश्क लड़ा रहे थे.

फ़िरोज़ गांधी जब उस दौर में सांसद थे तो उनके पास एक छोटी कार हुआ करती थी जिसका नाम था मॉरिस और वो कार अक्सर बिहार की एक महिला सांसद के घर के बाहर खड़ी देखा जाता था. वहीँ दूसरी ओर कहा जाता है कि फ़िरोज़ गांधी इतने बड़े इश्कबाज़ थे कि उनका उत्तर प्रदेश के एक मशहूर मुस्लिम नेता की बेटी से भी प्रेम प्रसंग था, आपको बता दें कि यह प्रेम कहानी तो यहाँ तक जाकर पहुच गई थी कि एक समय पर वो उस मुस्लिम नेता की बेटी से शादी तक करने का मन बना बैठे थे.

सागरिका घोष कहती है कि फ़िरोज़ गाँधी के एक करीबी दोस्त हुआ करते थे जिनका नाम था इंदर मल्होत्रा, इंदर मल्होत्रा ने सागरिका को बताया था कि ” फ़िरोज़ उनके बहुत करीबी दोस्तों में से एक थे और वो अक्सर उन लड़कियों का उनसे ज़िक्र करते थे, जिनसे फ़िरोज़ ताल्लुक रखते थे. उनमें से एक लड़की उत्तर प्रदेश के उस मुस्लिम मंत्री की ही बेटी थी जिसका नाम था हम्मी. 

सागरिका एक बार का वाक्या बताते हुए कहती हैं कि “एक बार हम्मी किसी काम से प्रधानमंत्री कार्यालय आई थीं और उस वक्त इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. अपना पूरा काम होने के बाद हम्मी जब जाने लगीं तो अचानक इंदिरा गांधी की नज़र उन पर पड़ गई, तभी इंदिरा अपने कार्यालय में मौजूद देवकांत बरुआ से अपनी खिड़की से बाहर देखते हुए कहती हैं कि ” उस औरत को तुम देख रहे हो इसी की वजह से  फ़िरोज़ ने मेरी सारी ज़िंदगी ख़राब कर दी है.”