भारत और पाकिस्तान के बीच की दुश्मनी कितनी पुरानी है सभी जानते हैं. पाक हमेशा से ही भारत पर छुपकर वर करता आया है और भारत ने हमेशा से ही भारत को मुंहतोड़ जवाब दिया है.  भारत ने पाक को सबसे करारा जवाब कारगिल युद्ध के दौरान दिया था.  उस दौरान अगर वो निशाना सही लगता तो नवाज़ शरीफ और मुशर्रफ आज जिंदा नहीं होते.

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जब कारगिल युद्ध चरम पर था…

आपको बता दें जब कारगिल युद्ध हुआ था तो भारत ने पाकिस्तान को बहुत बुरी तरीके से खदेड़ा था. कारगिल के युद्ध में एक ऐसी घटना हुई थी जिसके चलते नवाज़ शरीफ और मुशर्रफ मरते-मरते बचे थे.बात  24 जून 1999 को करीब सुबह 8.45 बजे की है  जब कारगिल युद्ध अपने चरम पर था. उस समय भारतीय वायु सेना के एक जगुआर नाम के घातक विमान  ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ऊपर उड़ान भरी और अपना निशाना पाकिस्तान के एक बहुत ही महत्वपूर्ण ठिकाने को बनाया.

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मारे जाते नवाज़ शरीफ और मुशर्रफ अगर…

आपको बता दें  जगुआर के इरादा “लेजर गाइडेड सिस्टम ” की मदद  से  बमबारी करने के  लिए टारगेट को पहचानना था.   इस विमान के पीछे एक और जगुआर विमान उड़ान भर रहा था जिसका काम इस इस विमान के चुने हुए ठिकाने पर निशाना लगाना था लेकिन जगुआर ने अपना निशाना खो दिया और पाकिस्तान की वो ख़ास जगह बच गयी. बाद में  खबरों से पता चला कि  अगर दूसरा जगुआर सही निशाने पर लगता तो उसमें पाकिस्तान के पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ और मौजूदा पीएम नवाज शरीफ भी वहीं मारे जाते.

 

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खबर के मुताबिक, भारत सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि “24 जून को जगुआर ACALDS ने प्वाइंट 4388 पर निशाना साधा था, इसमें पायलट ने LoC के पार गुलटेरी को लेजर बॉस्केट में चिह्नित किया था लेकिन बम निशाने पर नहीं लगा. “बाद में इस बात की पुष्टि हुई कि हमले के समय पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ उस समय गुलटेरी ठिकाने पर मौजूद थे.   

 

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जिस जगह को निशाना लगाया गया था उसका नाम गुलटेरी है, पाक में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने अपना अधिकांश सेना का समान यहीं रखा था.