आज के जमाने में प्यार एक मजाक बनकर रह गया है लेकिन एक जमाना ऐसा भी था जब लोग प्यार के लिए सभी हदें पार कर देते थे. बात करें अगर इतिहास की तो इतिहास में अधिकांश पन्ने प्यार से ही रंगे हैं. यूं तो प्यार शब्द बहुत छोटा है लेकिन इसके मायने बहुत बड़े हैं. अगर कोई इंसान एक बार प्यार को समझलेता है तो उसके जीवन का आधा रास्ता कट जाता है.

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यदि बात की जाए भारत की तो भारत में कई ऐसी प्रेम कहानियाँ है जो दुनिया भर में मशहूर हैं और आज भी लोग इनकी कसमें खाते हैं. प्यार जरूरी नहीं दो अलग-अलग सेक्स के लोगों में हो प्यार किसी से भी हो सकता है और इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं गे कपल, इनके प्यार की ताकत का लोहा दुनिया मान चुकी है और आज हम आपको इन्हीं की एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जो आपने पहले कभी नहीं पढ़ी होगी.

 

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जब सेना में भर्ती किये जाते थे गे कपल 

सुनने में थोड़ा अजीब है लेकिन यह सच है, एक जमाना ऐसा भी था जब सेना में गे कपल की भारी मांग होती थी. दरअसल यह भर्ती ग्रीक की सेना में होती थी और कपल को एक ही सेना की टुकड़ी में रखा जाता था. अमूमन एक टुकड़ी में 150 सैनिक होते थे जो गे पार्टनर होते थे. इनकी ताकत वाकई काबिले तारीफ होती थी और गे पार्टनर अपनी जान की बाज़ी लगा देते थे.

 

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इसके पीछे क्या था कारण ?

ग्रीक महारज उन जोड़ों को ‘सेक्रेड बैंड ऑफ थेबस’ नाम की स्पेशल वॉर फोर्स में शामिल करते थे ताकि वो सभी प्रेमी जोड़े एक साथ रह सके और उनका प्यार हो भी गहरा हो सके. ग्रीक के महराजाओं का मानना था कि अगर गे कपल एक ही सेना में होंगे तो वो एक दुसरे को बचने के लिए जी जान से लड़ेंगे और उनकी सोच एक दम सही निकली.   हालाकिं बाद में इस भर्ती को रोक दिया गया था.

जानिये भारत के किस गांव में आज भी रहती है सिकंदर की ग्रीक सेना, लागू होता है ग्रीक संविधान 

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हिमाचल की पहाड़ी खूबसूरती में कई पांडव कालीन राज और विरास्ते छुपी हुए है लेकिन एक और चौंकाने वाली बात भी आपको बता देते है की इन्ही वादियों में सिकंदर के सैनिको ने अपना डेरा बना लिया था और अब भी वो वंही रह रहे है, दिखते और बोलते भी ग्रीक सैनिको के जैसे है ये लोगl

कुल्लू जिले का मलाणा गांव काला सोना यानि दुनिया की सबसे अच्छी चरस के लिए मशहूर है, साथ ही यंहा के लोग अपने आप को सिकंदर के सैनिको के वंशज बताते हैl मलाणा नदी के तट पे बसा ये गांव इस लिए भी पहचाना जाता है क्योंकि यहाँ अपना ही संविधान चलता है भारत का कानून नहीl

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गांव में अपनी लोकसभा और राजयसभा है राज्यसभा यानि ऊपरी सदन में ग्यारह सदस्य होते है जिनमे से तीन तो तय होते है और बाकि का चुनाव होता है, एक के भी मरने पर दुबारा से चुनाव होते है. निचले सदन में गांव के हर परिवार का मुखिया सदस्य होता है l

 

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किसी भी जुर्म में पहले निचली अदालत फिर ऊपरी अदालत और संभव न हो तो फिर जमलू बाबा विवादों का निपटारा करते है इसके लिए भी पद्धति अद्भुत हैl दोनों वादी अपने बकरे लाते है और उनकी टांगों को चिर के उसमे बराबर जहर भरा जाता है जो बकरा पहले मर जायेगा,उस पक्ष की हार होती है और उसे अपील का अधिकार भी नही रहता हैl