रामनाथ कोविंद देश के चौदहवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुके है. रामनाथ कोविंद को चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने संसद भवन के सेन्ट्रल हॉल में मौजूद तमाम हस्तियों के सामने शपथ ग्रहण करवाया. स्वयं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सेन्ट्रल हाल तक साथ में आये थे| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और चीफ जस्टिस मुख्य रूप से मौजूद थे| इसी शपथ समारोह में फिर वही हुआ जो आजकल अक्सर हमें बाहर देखने को मिलता है|

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आपकी जानकारी के बता दें कि काफी दिनों के बाद बीजेपी अपने मनपंसद व्यक्ति को राष्ट्रपति बना पाई है. इससे पहले बीजेपी ने राष्ट्रपति के तौर पर डाo ए पी जे अब्दुल कलाम को अपने मन का राष्ट्रपति बना पाई थी. इसके बाद बीजेपी के पास यह मौका अब आया है. दरअसल बीजेपी अपने मन का राष्ट्रपति बना लेने से काफी उत्साहित है. इसी उत्साह में वहां मौजूद मेहमानों ने सेन्ट्रल हाल में राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में कुछ ऐसा किया जो इतिहास में पहली बार हुआ है|

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रामनाथ कोविंद 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुके है उन्हें चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने राष्ट्रपति को शपथ दिलाई इसी दौरान जब शपथ लेने के बाद जब राष्ट्रगान बजाया गया और इसके तुरंत बाद संसद भवन के सेन्ट्रल हाल में जय श्री राम नारे लगे जो कि इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में इस तरह के नारे लगे हो|  इससे पहले भी संसद में जय श्री राम के नारे लगे थे उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ के दौरान भी जय श्री राम के नारे लगे थे और इसी के साथ मोदी-मोदी के भी नारे लगे थे|

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भारत के 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शपथ ग्रहण करने के थोड़ी देर बाद ही संविधान की रक्षा और पालन करने का वचन दिया उन्होंने इसके साथ ही न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों के पालन का वचन भी दिया. कोविंद ने संसद सदस्यों, मुख्यमंत्रियों और गणमान्य अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनेकता में एकता भारत की ताकत है| हम सभी अलग अलग है फिर भी एकजुट और एक हैं| ये हमारे प्रारंभिक मूल्य हैं और इसमें न किसी तरह का विरोधाभास है और न ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है|

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राष्ट्रपति ने प्राचीन भारत के ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को साथ लेकर चलने पर जोर देते हुए कहा ” हमें  तेजी से विकसित होने वाली एक मज़बूत अर्थ व्यवस्था, एक शिक्षित, नैतिक और साझा समुदाय और समान मूल्यों और समान अवसर देने वाले समाज का निर्माण करना होगा| एक ऐसा समाज, जिसकी कल्पना महात्मा गांधी और दीन दयाल उपाध्याय ने की थी|  यह सब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद संबोधित करते हुए कहा|

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भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मंगलवार को शपथ ग्रहण कर ली| भारतीय जनता पार्टी और उनकी सहयोगी पार्टियों ने अपनी पसंद का राष्ट्रपति बना लिया| कोविंद की टक्कर कांग्रेस के उम्मीद्वार मीरा कुमार से थी जिसमें रामनाथ कोविंद जीत गये और अब वो भारत के प्रथम नागरिक यानि कि राष्ट्रपति है|