आपको बता दें भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई को शपथ ले ली है. आपको बता दें उनके शपथ समारोह में लगभग सभी बड़े नेता शामिल हुए थे. उनको चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने शपथ दिलाई और उन्होंने अधिकारिक रूक से भारत का राष्ट्रपति बनाया. आपको बता दें पीएम मोदी ने बड़ी ही उम्मीदों के साथ रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया है.

 

जैसे ही रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद संभाला  राष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट पर उनका नाम आ गया है और उनके अकाउंट पर 30 लाख से ज्यादा फोल्लोवर्स  हैं लेकिन अपने इस अकाउंट पर राष्ट्रपति केवल एक इंसान को फॉलो करते हैं. सबसे चौकाने वाली बात है कि वो इंसान पीएम मोदी नहीं हैं बल्कि कोई और हैं.

 

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रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनते ही इस अकाउंट से लगातार 30 ट्वीट किये गये हैं और ये पहली बार है जब रामनाथ कोविंद ने अपने इस ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किये हैं.  वो इस अकाउंट से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को फॉलो करते हैं.

 

 

देखिये प्रणब मुखर्जी ने इस अकाउंट से आखिरी ट्वीट क्या  किया था, उन्होंने यह ट्वीट 24 जुलाई को किया था, इस ट्वीट से उन्होंने सभी का धन्यवाद किया था.

 

तो इस वजह से होते हैं राष्ट्रपति भवन में लगे हुए हैं उल्टे पंखे, जानिये राष्ट्रपति भवन के बारे में ख़ास बातें

 

भारत के नये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई को शपथ ली है और भारत के 14वें राष्ट्रपति बने हैं. `उनका शपथ समारोह काफी विशाल रहा है जिसमें लगभग सभी नेता शामिल हुए थे. समारोह में कई बातें ऐसी देखने को मिली जो पहले कभी नहीं हुई थीं जैसे कि उनके शपथ लेने के बाद जय श्री राम के नारे लगे. इस सबके बीच एक खास बात देखने को मिली जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. जिस हॉल में शपथ समारोह चल रहा था उसमें पंखे उल्टे लगे थे, इसकी वजह जानकर आपको यकीन नहीं होगा.

 

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जानिये राष्ट्रपति भवन की खासियत…

1.भवन में 340 कमरें हैं और इस विशाल भवन को बनाने में लगभग 17 साल लगे थे.

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2.आपको बता दें इस भवन को बनाने में कुल 83 लाख की लागत आई थी.

 

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3.आपको जानकर हैरानी होगी कि वास्तुकार हर्बर्ट इसे तीन तरफ़ा  रूप देना चाहते थे जिसके उपर एक विशाल गुंबद रखने का प्रस्ताव था. काफी सोचने के बाद एक  ऐसा नक्शा सामने आया जिसमें वृताकार भवन पर एक गुंबद हो जो किसी के भवन के पास आते जाने पर अपने को भवन के अंदर समाहित करता नज़र आए.

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4.यह भवन 144 खम्बों पर टिका है और इसके आस-पास बहुत सुंदर बगीचें हैं, इसको बनाने के बाद अंग्रेजों को इसकी चाबी सौंप दी गयी थी.

 

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5.बात करें अगर भवन के अंदर की बनावट की तो इसमें एक centeral हॉल है जिसका माप 98 फुट डाईमीटर है. यह गुंबद इसलिए अहम है क्योंकि यहाँ पहले प्रधानमंत्री ने शपथ ली थी और भारत का संविधान भी यहीं लिखा गया था.

 

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 क्यों लगे हैं उल्टे पंखें ? 

इस बात को लेकर जब पता लगाया गया कि क्यों राष्ट्रपति भवन में उल्टे पंखे लगे हैं तो पता चला कि शुरू से ही यहाँ ऐसे पंखे लगे थे और इस भवन की एतिहासिकता बनाए रखने के लिए इसमें आज भी वही उल्टे पंखे लगे हैं, यहाँ तक कि आज भी यहाँ घंटा बजाकर मेम्बर को बुलाया जाता है.

 

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