आज भारत के नए राष्ट्रपति के रूप में राम नाथ कोविंद का शपथ ग्रहण समारोह हुआ.चीफ जस्टिस टी एस खेहर ने सेन्ट्रल हॉल में रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई| संसद के सदस्यों, मुख्यमंत्रियों और सत्ता पक्ष और विपक्ष की मौजूदगी में रामनाथ कोविंद को शपथ दिलाई गयी| शपथ ग्रहण के दौरन वहां उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और चीफ जस्टिस मौजूद थे| राष्ट्रपति पद की शपथ लिए हुए अभी राष्ट्रपति को कुछ ही घंटे  हुए है इसी कुछ घंटो की अवधि में ही कुछ लोग रामनाथ कोविंद से नाराज़ हो गये है| और उन्होंने अपनी शिकायत भी कर दी है|

दरअसल बात यह है कि राष्ट्रपति शपथ लेने के बाद वहां मौजूद लोगो और राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे तो उन्होंने देश के पहले गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल और डा० भीम राव आंबेडकर का नाम लिया और इसके साथ ही कई अन्य नेताओं का नाम लिया| लेकिन कांग्रेस के नेता गुलाम नबी अजाद राष्ट्रपति  के पहले दिन ही उनसे नाराज़ हो गये है क्योंकि उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री का नाम नही लिया जबकि उनके मंत्रियों का नाम लिया गया| आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पहला दिन है और कांग्रेस उनसे नाराज़ हो गयी है देखने वाली बात यह है कि आगे चलकर क्या होता है?

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रामनाथ कोविंद 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुके है उन्हें चीफ जस्टिस टी एस खेहर ने राष्ट्रपति को शपथ दिलाई इसी दौरान जब शपथ लेने के बाद जब राष्ट्रगान बजाया गया और इसके तुरंत बाद संसद भवन के सेन्ट्रल हाल में जय श्री राम नारे लगे जो कि इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में इस तरह के नारे लगे हो|  इससे पहले भी संसद में जय श्री राम के नारे लगे थे उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शापाद के दौरान भी जय श्री राम के नारे लगे थे और इसी के साथ मोदी-मोदी के भी नारे लगे थे|

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भारत के 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शपथ ग्रहण करने के थोड़ी देर बाद ही संविधान की रक्षा और पालन करने का वचन दिया उन्होंने इसके साथ ही न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों के पालन का वचन भी दिया. कोविंद ने संसद सदस्यों, मुख्यमंत्रियों और गणमान्य अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनेकता में एकता भारत की ताकत है| हम सभी अलग अलग है फिर भी एकजुट और एक हैं| ये हमारे प्रारंभिक मूल्य हैं इसमें न ही किसी तरह का विरोधाभास है और न ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है|

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राष्ट्रपति ने प्राचीन भारत के ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को साथ लेकर चलने पर जोर देते हुए कहा ” हमें  तेजी से विकसित होने वाली एक मज़बूत अर्थ व्यवस्था, एक शिक्षित, नैतिक और साझा समुदाय और समान मूल्यों और समान अवसर देने वाले समाज का निर्माण करना होगा| एक ऐसा समाज, जिसकी कल्पना महात्मा गांधी और दीन दयाल उपाध्याय ने की थी|  यह सब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद संबोधित करते हुए कहा|

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भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मंगलवार को शपथ ग्रहण कर ली| भारतीय जनता पार्टी और उनकी सहयोगी पार्टियों ने अपनी पसंद का राष्ट्रपति बना लिया| कोविंद की टक्कर कांग्रेस के उम्मीद्वार मीरा कुमार से थी जिसमें रामनाथ कोविंद जीत गये और अब वो भारत के प्रथम नागरिक यानि कि राष्ट्रपति है|