भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा सांसद और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर मुश्‍किल में फंस गए हैं। उनपर आरोप है कि कांग्रेस द्वारा लोकसभा की कार्यवाही के दौरान जब कांग्रेसी सदस्य हंगामा कर रहे थे तभी उसी दौरान अनुराग ठाकुर ने अपने फोन से उस हंगामे का वीडियो बना लिया.

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इस वीडियो को लेकर विपक्षी अनुराग ठाकुर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोकसभा स्पीकर सुमिता महाजन ने अनुराग ठाकुर को वॉर्निंग देकर छोड़ दिया है. सुमिता महाजन द्वारा इस सहुलियत को देखते हुए विपक्ष ने सदन में हंगामा कर दिया है जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी.

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असल में मामला ये था की हाल ही में भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीटकर की गई हत्या की घटनाओं को लेकर सदन में बहस छिड़ी हुई थी और इस बहस ने धीरे धीरे हंगामे का रूप ले लिया था. इसी दौरान अनुराग ठाकुर ने माहोल का फायेदा उठाते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे तो कई लोगों ने उन्हें रिकॉर्डिंग करते देखा तो सभी भड़क गए जिसके साथ  कांग्रेस के सचेतक के सी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक पत्र लिखा जिसमें लिखा हुआ था कि सदन की कार्यवाहियों  के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग करना नियमों के तहत प्रतिबंधित है.

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आपको बता दें कि कांग्रेस के सचेतक के सी वेणुगोपाल का कहना है कि हम सदन की कार्यवाहियों की गरिमा को बनाये रखने के लिए तत्काल अनुराग ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध करते हैं. वहीँ आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान और कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने भी इस मामले का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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आज इसी मुद्दे पर बात करते हुए स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन में मौजूद सभी सांसदों से कहा है कि जो भी हुआ है वो नहीं होना चाहिए था. इसलिए सुमित्रा महाजन ने खुद इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर से उनकी सफाई देने को कहा. जिसपर अनुराग ठाकुर ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि हाथ में मोबाइल होने से अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वो इसके लिए खेद प्रकट करते हैं लेकिन लोकसभा की कार्यवाही तो वैसे भी लाइव होती है.

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अनुराग ठाकुर द्वारा दी गई अपनी सफाई के बाद सुमित्रा महाजन ने अनुराग ठाकुर को वॉर्निंग दी और साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी कोई हरकत दोबारा नहीं होनी चाहिए. गौर है कि सुमित्रा महाजन ने अनुराग ठाकुर को वॉर्निंग तो दे दी लेकिन फिर भी विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए और उनका फिर भी यह कहना था कि अनुराग पर कार्रवाई तो होनी ही चाहिए.