15 अगस्त नज़दीक है और साथ ही नज़दीक है वो पल भी जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को संबोधित करने वाले हैं. हमारे देश की ये परंपरा रही है कि 15 अगस्त को देश की जनता को देश के प्रधानमंत्री संबोधित करते हैं लेकिन इस बार 15 अगस्त को कुछ ऐसा होने वाला है जो कि शायद अपने-आप में इतिहास में पहली बार हो. दरअसल अपने 15 अगस्त के इसी भाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आकाशवाणी पर मन की बात की बात के दौरान बताया है कि इस बार का उनका इस बार 15 अगस्त को दिए जाने वाला भाषण छोटा होने वाला है.

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छोटा होने वाला है इस बार का पीएम मोदी का भाषण 

अबतक मिली जानकारी के अनुसार लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 15 अगस्त का संबोधन इस बार समय में छोटा हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में बात करते हुए ख़ुद कहा है कि, “मैंने अपने पुराने भाषणों पर गौर किया है कि मेरा भाषण थोड़ा लम्बा हो जाता है और इसलिए इस बार मैंने अपने मन में ये विचार किया है कि मैं अपने इस भाषण को छोटा करूं.”

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आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि, “15 अगस्त को देश के प्रधान सेवक के रूप में मुझे लाल किले से देश के साथ बात करने का मौका मिलता है. मैं तो एक जरिया भर हूँ. 15 अगस्त को लाल किले से कोई एक व्यक्ति नहीं बोलता है बल्कि गौर किया जाये तो उस दिन लालकि‍ले से सवा-सौ करोड़ देशवासियों की आवाज़ गूँजती है.”

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“मुझे खुशी होती है कि मैं अपने जरिये करोड़ों देशवासियों की बात एक-दूसरे तक पहुंचा पाता हूँ. मैं अपने भाषण के जरिये ये कोशिश करता हूँ कि मैं लोगों की आवाज़ बन सकूँ. मुझे खुशी इस बता की है कि पिछले 3 सालों से लगातार 15 अगस्त के मेरे संबोधन के लिए निमित्त देश के हर कोने से मुझे सुझाव मिलते हैं कि मुझे 15 अगस्त पर क्या कहना चाहिए और क्या नहीं? मुझे अपने संबोधन में किन मुद्दों को लेना चाहिए? वगेरह-वगेरह.

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ऐसे में इस बार 15 अगस्त के पावन मौके पर भी  मैं देश की सभी जनता को निमंत्रित करता हूँ कि मेरे लायक कोई सुझाव हो तो वो मुझे बताएं. आप माईजीओवी पर या तो नरेन्द्र मोदी एप के जरिये मुझ तक अपने विचार पहुंचा सकते हैं.

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किस वजह से छोटा होगा पीएम का इस बार का भाषण

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मैं सारे सुझावों को स्वयं ही पढ़ता हूँ और 15 अगस्त को जितना भी समय मेरे पास है, उसमें इसको प्रगट करने की कोशिश करूँगा. पिछले 3 बार के मेरे 15 अगस्त के भाषणों में एक शिकायत जो जनता की तरफ से  लगातार सुनने को मिली है वो ये कि मेरा भाषण थोड़ा लम्बा हो जाता है, इसलिए मैंने ये निर्णय लिया है कि मैं इस बार का अपना भाषण थोड़ा छोटा रहूँगा.”

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हालाँकि अपनी बात भी जनता तक पहुंचानी है तो ऐसे में ये आसान  ज्यादा से ज्यादा 40-45-50 मिनट में पूरा करूँ.  मैंने मेरे लिये नियम बनाने की कोशिश की है हालाँकि मुझे अभी ये पता नहीं है कि मैं ये कर भी पाऊँगा कि नहीं कर पाऊँगा हाँ लेकिन मैं इस बार कोशिश करने का इरादा पूरा रखता हूँ कि मैं मेरा भाषण छोटा हो.  देखते हैं मेरे इस प्रयास को सफलता मिलती है कि नहीं मिलती है.’’

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पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं आज विशेष रूप से ऑनलाइन जगत, ऑनलाइन जगत इसलिए क्योंकि हम कहीं मौजूद हों या न हों, लेकिन ऑनलाइन तो हम ज़रुर ही होते हैं. जो ऑनलाइन वाली दुनिया है और खासकर के मेरे युवा साथियों को, मेरे युवा मित्रों को मैं आमंत्रित करता हूँ कि नये भारत के निर्माण में अपना कीमती योगदान दें और देश को आगे बढ़ाने में मदद करें.