भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय काफी गहरी तनातनी चल रही है और उधर चीन पाक का साथ दे रहा है तो भारत के साथ पूरी दुनिया है.  इस बीच वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा झटका दिया है और उसे कहीं का नहीं छोड़ा है. दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच के सिन्धु नदी के पानी को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है और इसी नदी के पानी को लेकर वर्ल्ड बैंक ने कुछ ऐसा कहा है कि पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी..

 

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दरअसल विश्व बैंक ने कहा है कि “सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के तहत भारत को झेलम और चेनाब नदियों की सहायक नदियों पर कुछ शर्तों के साथ पनबिजली विद्युत संयंत्रों के निर्माण की अनुमति दे दी गयी है”  आपको बता दें   फैक्ट शीट में कहा गया है कि ” पाकिस्तान किशनगंगा (330 मेगावॉट) और रातले (850 मेगावॉट) पनबिजली विद्युत संयंत्रों के निर्माण का विरोध कर रहा है। इन संयंत्रों का निर्माण भारत कर रहा है”

 

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फैक्ट शीट में विश्व बैंक ने कहा है, ‘‘अन्य इस्तेमालों के साथ-साथ भारत संधि के अनुलग्नक में शामिल शर्तों को ध्यान में रखते हुए इन नदियों पर पनबिजली विद्युत संयंत्र का निर्माण कर सकता है’’

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56 साल पहले पंडित जवाहरलाल नेहरु ने पाकिस्तान के साथ सिन्धु जल समझौता किया था और उसके बाद संसद में खड़े होकर बयान दिया था कि पाकिस्तान के साथ शांति के बदले हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। लेकिन अब समय बदल गया है। शांति के बदले आतंकवादियों के हमले अब भारत नहीं सहेगा। पीएम मोदी अभी 4 देशो की यात्रा पर थे तो जाने से पहले उन्होंने सिंध जल समझौते पर एक बार फिर से समीक्षा बैठक करके रिपोर्ट सौंपने की बात की थी। पीएम मोदी पाकिस्तान के बारे में अपनी विचारधारा पहले ही बता चुके है कि खून और पानी साथ साथ नहीं बह सकता।

पीएम मोदी हर तरह से पाकिस्तान को घेर रहे है। इसलिए हर मोर्चे पर प्रयास भी किये जा रहे है।पीएम मोदी ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते और भारत अपने हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध है। इससे पहले पीएम मोदी ने बयान दिया था कि गोली और बोली साथ साथ नहीं हो सकती। पीएम मोदी ने अभी सिंधु जल समझौते पर कोई कदम नहीं उठाया है पर झेलम नदी पर बाँध बनाकर और उससे बिजली पैदा करने पर अपनी अनुमति दे दी।केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री डा. संजीव बालियान ने बयांन दिया था कि 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते को अभी भारत सरकार के पास विचाराधीन के लिए गया हुआ है। सिंधु नदी पर डैम बना कर पाकिस्तान में पानी जाने से रोका जा सकता है। बैठक में विचार किया गया है कि पाकिस्तान जाने वाली तीनो नदियों पर बाँध बनाकर बिजली बनाई जा सकती है और साथ में पाकिस्तान में भी पानी बहुत कम पहुंचेगा।

बैठक में ये भी कहा गया कि सिंधु जल समझौते में अभी कोई बदलाव न किया जाये। किसी ने कहा की इस जल समझौते में चाइना का कोई रोल नहीं है इसलिए चिंता करने की जरुरत नहीं, खैर भारत सिन्धु जल समझौते पर जो भी निर्णय लेगा उससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।मोदी ने कहा, “सिंधु नदी का जो बूंद-बूंद पानी पाकिस्तान चला जाता है वह पंजाब को मिलेगा। यह पानी पंजाब को मिल जाएगा तो यहां की मिट्टी सोना उगलेगी, कोई कारण नहीं है कि हम अपने हक़ का इस्तेमाल न करें और हमारे किसान पानी के लिए तड़पते रहें”।

मोदी ने कहा, “पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक से जो जख़्म मिला है, वो उससे उबर नहीं पाएगा”, उन्होंने पाकिस्तानी जनता से ‘आग्रह’ किया कि वे अपने शासकों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कहें।