भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है, अपना अड़ियल रुख कायम रखते हुए चीन डोकलाम सीमा से अपनी सेना को नहीं हटा रहा है. भारत लगातार इस बात का विरोध कर रहा है. भारत ने चीन के डोकलाम सीमा पर सड़क बनाने का भी विरोध किया है. इसी के साथ भारत ने अपने पड़ोसी मित्र देश भूटान का भी इस सीमा विवाद में सहयोग किया है. चीन भी भारत को लगातार झूठी धमकी दे रहा है. अभी कुछ दिनों पहले ही भारत के NSA अजीत डोभाल भी चीन गए थे लेकिन विवाद का कोई हल नहीं निकला.

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चीन की चालों का भारत ने दिया है करारा जवाब 

डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है. भारत ने चीन को कई बार समझा दिया है कि वो अतिक्रमण करने की कोशिश न करे लेकिन चीन है कि मान ही नहीं रहा है. वो अपनी मनमानी करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि भारत ने उसकी सब चालों का करारा जवाब दिया है और भारत सरकार चीन से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. इसी बीच कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने एक ऐसी हरकत कर दी कि वो भाजपा के निशाने पर आ गए हैं.

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भाजपा के निशाने पर आए राहुल गांधी 

डोकलाम विवाद पर राहुल गांधी ने पिछले महीने चीन के राजदूत लुओ झाओहुई से मुलाक़ात की थी. सुषमा ने गुरुवार को इस मुद्दे पर कहा कि. ‘मैं बहुत दुखी हुई कि विपक्ष भारत सरकार के दृष्टिकोण को समझने के बजाय चीनी राजदूत से मिलने गया.’ आपको बता दें कि बीते माह राहुल गांधी ने चीन के राजदूत से मुलाक़ात की थी. सुषमा के सवालों ने राहुल गांधी की बोलती बंद कर दी. राहुल को भी पता था कि उनके द्वारा उठाया गया कदम गलत था. इसी वजह से उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला.

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संसद में सुषमा ने पूछा सवाल 

आपको बता दें कि संसद में सुषमा स्वराज विदेश नीति पर चर्चा के दौरान जवाब दे रही थीं. सुषमा ने कहा कि, ‘उन्होंने (विपक्ष ने) भारत सरकार से स्थिति (सीमा गतिरोध) समझने की कोशिश नहीं की और इसकी बजाय वो चीनी पक्ष से उनकी राय जानने के लिए मिले.’ भारत की राजधानी में स्थित चीनी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर आठ जुलाई को हुई राहुल गांघी और लुओ की बैठक की जानकारी को पोस्ट किया था, लेकिन बाद में इसे हटा भी दिया गया था.

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चीन के दूतावास ने अपने ‘वीचैट’ अकाउंट पर लिखा था कि, ‘राजदूत लुओ झाओहुई ने कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से आठ जुलाई को मुलाक़ात की. भारत और चीन के कई मुद्दों पर दोनों पक्षों ने बातचीत की इसमें सीमा संबंधों और दूसरे मुद्दों पर भी विचार साझा किये गये. काउंसलर झोउ युयून भी इस बैठक में मौजूद थे.

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इसके बाद राहुल गांधी ने चतुराई दिखाते हुए चीन राजदूत से अपनी बैठक का बचाव करते हुए कहा कि, उनका कार्य ये था कि वो गंभीर मुद्दों पर जानकारी लें. राहुल गांधी ने भूटान के राजदूत और भारत के पूर्व NSA शिवशंकर मेनन व दूसरे अधिकारियों से भी मुलाकात की थी.

देखें वीडियो 

वीडियो को देखकर आपको पता चल ही गया होगा कि सुषमा ने किस तरह से विपक्ष को आड़े हाथों लिया. उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में राहुल गांधी के गलत कदम पर संसद में राहुल की बोलती बंद कर दी.