भारत चीन के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है !

इस समय भारत और चीन के बीच के बीच काफी तनातनी चल रही है और किसी भी वक्त दोनों ही देशों में लड़ाई हो सकती है. आपको बता दें चीन काफी समय से भारत को धमकी दे रहा है और यही कह रहा है कि भारत डोकलाम से अपनी सेना हटा लें लेकिन भारत चीन से इस बार डरने वाला नहीं है. अरुण जेटली ने भी साफ कहा है कि अब हालात 1962 वाले नहीं है जो चीन भारत को हरा दे.भारत और चीन के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.     china

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चीन ने फिर दी धमकी कहा अगर हम कश्मीर में …

डोकलाम विवाद को खत्म करने के लिए भारत के एक साथ दोनों देशों की सेनाओं को हटाने के सुझाव को चीन ने ख़ारिज कर दिया है. चीन ने बीते 8 अगस्त को फिर एक बार धमकी देते हुए कहा है कि जब वह उत्तराखंड के कालापानी क्षेत्र या कश्मीर में घुस जायेगा तो नयी दिल्ली क्या करेगा. ऐसा पहली बार हुआ है जब डोकलाम विवाद को लेकर किसी चीनी अधिकारी ने कश्मीर मुद्दे को उछाला है.

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चीनी मीडिया लगातार उगल रही जहर 

चीनी सरकार के नियंत्रण में रहने वाली मीडिया लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रही है. “ग्लोबल टाइम्स” में भारत के खिलाफ कई लेख छपे जिसमे भारत को धमकाने की लगातार कोशिश की गयी. डोकलाम में सड़क बनाने आये चीनी सैनिकों के लिए भारतीय सैनिकों ने सिक्किम के डोकलाम सेक्टर में रोका था. जिसके बाद से 50 दिन से दोनों देशों के बीच गतिरोध चल रहा है. दोनों देशों की तरफ से भारी मात्रा में डोकलाम में सैनिक तैनात हैं.

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चीन का दावा 

गौरतलब है कि चीन विवादित जगह को अपनी जगह बता रहा है. वह दावा कर रहा है कि वह अपनी सरजमीं के अंदर सड़क बना रहा है. चीन सड़क बनाकर भारत के करीब पहुंचना चाह रहा है. जिसके बाद से भारतीय सेना वहां डटी पड़ी है. चीन लगातार भारत से  विवादित जगह से अपनी सेना को हटाने की मांग कर रहा है. चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा और सागर मामलों की उप महा निदेशक वांग वेनली ने कहा कि यदि एक दिन के लिए एक भारतीय सैनिक भी रहता है तो यह हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उलंघन है. इस तरह से वह भारत को धमका कर वहां मौजूद सैनिकों को हटवाना चाहता है.

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वांग का जवाब 

वांग ने भारतीय मीडिया को संबोधित कर रही थी उसी दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि चीन भारत के साथ युद्ध करने की तयारी कर रहा है, वांग ने कहा ” मैं सिर्फ इतना कह सकती हूँ  पीएलए और चीन सरकार के लिए, हमारे पास प्रतिबद्धता है। इसलिए, यदि भारत गलत रास्ते पर जाने का फैसला करता है या इस घटना के बारे में कोई भ्रम रखता है तो हमारे अधिकारों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक हमारे पास कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार है”

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उन्होंने कहा कि इस समय भारत के साथ वार्तालाप करना असंभव होगा. क्योंकि हमारे लोग सोचेंगे कि हमारी सरकार डर रही है वह सक्षम नहीं है. उन्होंने कहा जब तक भारत विवादित जगह से सैनिकों को वापस नहीं बुला लेता है. तब तक हमारे बीच कोई ठोस वार्ता नहीं हो सकती है. इसी प्रकार भारत को छेड़ते हुए कश्मीर व भारत और नेपाल के बीच कालापानी का जिक्र किया है. उन्होंने कहा भारत के भी कई ट्राई जंक्शन हैं. क्या होगा जब यही बहाना बनाकर भारत और नेपाल के बीच कालापानी क्षेत्र व कश्मीर क्षेत्र में घुस जायेंगे.

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युद्ध हुआ तो..

मान लीजिए युद्ध हो जाता है तो तकनीकी रूप से बेशक चीन भारत से आगे है लेकिन भारत के पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी समर्थन है और भारत चीन को हरा सकता है. भारत के पास अमेरिका से लेकर इजराइल तक कई ताकतवर देशों का सपोर्ट है और खुद में भी भारत अब काफी ताकतवर हो गया है.

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किसके पास कितने सैनिक ! 

आपको बता दें जब 1962 में द्ध हुआ था तो भारत के पास 12 हजार  सैनिक थे जबकि चीन के पास 80 हजार से ज्यादा सैनिक थे लेकिन  2017 की बात करें तो चीन के पास जहां 46,35,000 सैनिक हैं वहीं भारत के पास 34,68,000 सैनिक हैं. इनमें भारत के 13,25,000 सक्रिय सैनिक हैं. वहीं, चीन के सक्रिय सैनिकों की संख्या 23,35,000 है.

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किसके पास कितना सैन्य सामान ! 

चीन के पास 207 हेलीकाप्टर हैं तो भारत के पास 27 हैं, वहीं चीनी रक्षा बजट 9815 अरब रुपए का है वहीं, भारत का रक्षा बजट 3315 अरब रुपए का है. इसके साथ ही आपको बता दें चीन इस युद्ध में अकेला है उसका साथ देश सिर्फ पाकिस्तान है और भारत के साथ दुनिया के कई शक्तिशाली देश हैं. ऐसे में चीन को भारत का सामना करने में काफी परेशानी होगी.

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लगातार बढ़ रही है भारत की ताकत ! 

भारत ने रूस से ऐसे प्लेन खरीदें हैं जो हवा में ही निशाना साध सकते हैं और चीन के होश उड़ा सकते हैं.  ऐसे में भारत चीन के सामने काफी ताकतवर है और अब भारत के पास वो प्लेन भी हैं जो तिब्बत की ऊंचाईयों पर उड़ सकते हैं.

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भारत के पास है सबसे ताकतवर मिसाइल ! 

ख़ास बात ये है कि  भारत के पास दुनिया की सबसे ताकतवर एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस है जिसकी स्पीड 3,675 किमी प्रति घंटा है. यह 290 किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकती है. यही नहीं ब्रह्मोस मेनुवरेबल तकनीक से लैस है. यानी दागे जाने के बाद यदि लक्ष्य रास्ता बदल ले तो यह मिसाइल भी अपना रास्ता बदल लेती है और उसे निशाना बनाती है.