भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने एक और कीर्तिमान बना लिया है. देश भर के ज्यादातर हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के साथ शाह बीजेपी क एक नए मुकाम पर पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत की है. अमित शाह को बीजेपी का अबतक का सबसे कामयाब अध्यक्ष भी कहा जा सकता है.अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी जिस मुकाम पर पहुंची है 2014 में इसकी किसी को उम्मीद नही थी. अमित शाह ने पार्टी को नई ऊँचाइयों पर ले ज़ाने के लिए नेताओं के लिए भी कई सारे नियम बनाये. कई राज्य ऐसे भी है जहाँ बीजेपी पहली बार सरकार बनाने में भी सफल हो गयी. बीजेपी अध्यक्ष के रूप में भी अमित शाह एक चाणक्य की भूमिका में रहे.

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अमित शाह के कुशल राजनीति के दम पर असम, मणिपुर, जम्मू कश्मीर में पहली बार बीजेपी सत्ता में आई. अमित शाह के अध्यक्षता में ही बीजेपी देश-दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भी बन गई. मौजूदा समय में बीजेपी की 13 राज्यों में सरकार है और 5 राज्यों में सहयोगी दलों की सरकार है.देश के बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार में पार्टी मजबूत करने के बाद अब पार्टी छोटे प्रदेशों में भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए रणनीति बनाइ.इसी रणनीति के तहत असम, मणिपुर जम्मू कश्मीर में पहली बार सरकार बनाने में सफलता मिली और केरल के विधान सभा में मौजूदगी दर्ज की.

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रोज़ लगभग 550 किमी किमी की दुरी तय करते थे अमित शाह

भाजपा अध्यक्ष ने 3 साल में सभी राज्यों का दौरा किया इस दौरान अमित शाह हर प्रदेश के सभी  जिलों तक पहुँचाने की कोशिश की. इस दौरान अमित शाह ज्यादातर यात्राएं सडक मार्ग से की है. औसतन अमित शाह एक दिन में 541 किमी का सफ़र तय किया और देशभर में लगभग 500 से ज्यादा रैलियों को संबोधित किया.देश भर में 110 दिनों तक देश भर में सघन प्रवास करने वाले बीजेपी के पहले राष्टीय अध्यक्ष बने.अमित शाह के नेतृत्व में ही पहली बार हौसला बढाने के लिए ओबीसी मोर्चे का गठन भी किया.कार्यकर्ताओं को बिना समय लिए मिलने का अधिकार भी दिया.

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पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए किया काम 

अमित शाह अक्सर लोगो से खुद मुलाकत करते थे. अमित शाह अपने दौरे के दौरान सभी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते थे. इस के साथ ही अमित शाह से अपने नेताओं से भी कहा था कि वो लोग भी हवाई सफ़र छोड़ आकर सड़क रेल के माध्यम से सफ़र का इस्तेमाल करें.ऐसा करने पर जनता से नजदीकियां बढेंगी और उनका आपके प्रति लगाव बढ़ेगा.इतना ही नही अमित शाह ने कहा कि रात में कही बाहर रुकने की स्थिति में किसी होटल में न रूककर किसी शोषित वंचित वर्ग के यहाँ रुकने की कोशिश करें . कार्यकर्ताओं के समय को बर्बाद न करने की भी हिदायत अमित शाह ने दी है.

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अमित शाह और नरेन्द्र मोदी की जोड़ी 

अमित शाह गुजरात के रहने वाले है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी है. मोदी और आमित शाह मिलकर राजनीतिक सूझबूझ से पार्टी की एक नई पहचान दिलाई है. अमित शाह पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान करते है और उन्हें सुनते है. इसलिय अमित शाह कार्यकर्ताओं के चहेते अध्यक्ष भी है.  अब देखने वाली बात यह है कि अमित शाह के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद क्या वो पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देंगे?अगर इस्तीफ़ा देंगे तो अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा?