हाल ही में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए थे जिनमें वैंकया नायडू की जीत हुई थी. नये उपराष्ट्रपति बनने से पहले आज यानी 10 अगस्त को हामिद अंसारी का आखिरी दिन था. उन्होंने अपने आखिरी दिन कुछ ऐसा कहा कि जिससे विवाद हो गया है. हामिद अंसारी ने अपनी आखिरी स्पीच में डॉक्टर हामिद अंसारी ने कहा कि “भारत में मुस्लिम देश के मुसलमानों में बेचैनी और असुरक्षा का माहौल है. जिसके लिए मैंने प्रधानमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी अवगत कराया है.

 

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 तीन तलाक के मुद्दे पर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सामाजिक बिचलन है कोई धार्मिक जरुरत नही है धार्मिक जरुरत स्पष्ट है. लेकिन सामाजिक रीत रिवाज़  इसमें घुसकर हालत कुछ ऐसी बना चुके है जो अत्यंत अवांछित है. कोर्ट को इस मामले में दखल नही देना चाहिए क्योंकि सुधार समुदाय के भीतर से ही होंगे”

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उनके इस बयान के पाद लोगों ने हामिद अंसारी को जमकर ट्रोल किया है और लिखा है कि हामिद अंसारी को अपने कार्यकाल में कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ लेकिन जैसे ही उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है उन्हें मुसलमान असुरक्षित लगने लगे.

 

 

कश्मीर के मुद्दे पर हामिद अंसारी ने कहा कि कश्मीर की समस्या एक राजनीतिक समस्या है इसका समाधान राजनीतिक तरीके से ही निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अन्दर एक तरह की शंका है जिस तरह के बयान उन लोगो के खिलाफ दिए जा रहे है. मैंने देश के कई हिस्सों से यह बात सुनी पर यह बात उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सुनने को मिलती है.

 

इस बीच पीएम मोदी ने हामिद अंसारी की इस चिंता का जवाब दिया है, 

देखिये वीडियो !

 

हामिद अंसारी को जवाब देते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर सबका दिल जीत लिया.

कश्मीर के मुद्दे पर हामिद अंसारी ने कहा कि कश्मीर की समस्या एक राजनीतिक समस्या है इसका समाधान राजनीतिक तरीके से ही निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अन्दर एक तरह की शंका है जिस तरह के बयान उन लोगो के खिलाफ दिए जा रहे है. मैंने देश के कई हिस्सों से यह बात सुनी पर यह बात उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सुनने को मिलती है.अब सोचने वाली बात यह है कि क्या देश का मुसलमान सच में असुरक्षित है? क्या देश के मुसलमान सच में डरा हुआ है? क्या देश के उपराष्ट्रपति के पद पर रहकर भी उन्हें किसी तरह की शंका है?

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दरअसल आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब देश में होने वाली किसी झगडे, बहस या इससे भी बड़ी घटनाओं को लेकर और पिछले दिनों हुए कुछ  कथाकथित गोरक्षकों द्वारा जो शर्मनाक घटनाएं की गयी वो बेहद शर्मनाक तो है लेकिन इसका मतलब यह नही है कि उनको सजा नही मिली. अन्य घटनाओं की तरह इन घटनाओं को क्यों नही देखा जाता है? हर घटना को आज के समय हिन्दू मुस्लिम बताकर लोग बस राजनीति ही करना चाहते है. जमीनी हकीकत तो यह है कि सभी धर्म के लोग मिलकर काम कर रहे है. हामिद अंसारी की यह फोटो (जिसमें वो तिरंगे को सलामी नही दे रहे है) खूब वायरल हुई थी. इसी बात से हामिद अंसारी की कट्टरता को समझा जा सकता है कि एक देश एक बड़े और सम्माननीय पद पर बैठने के बाद भी उन्होंने तिरंगे को सलामी देना ठीक नही समझा.

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कुछ लोग जो खुद को मुसलमानों का मसीहा समझते है या कुछ लोग उन्हें अपना मसीहा बना लिए है ऐसे लोग हर मुद्दे को धर्म से जोड़कर देश को बदनाम करने की साजिश रच रहे है. तीन तलाक के मुद्दे पर जहां महिलायें इस तरह पीड़ित है कि वो चाहती है कि कोर्ट उन्हें इन्साफ दे. ऐसे मसले पर हामिद अंसारी शाहब कह रहे है कि इस मामले में कोर्ट दखल न दे. सच बात तो यह है कि आज कल हर मुस्लिम नेता यह कहकर लोगो से हमदर्दी पाना चाहता है कि उसके उपर अत्याचार हो रहा है. उनको डराया जा रहा है. लेकिन ये सभी बातें राजनीतिक ही होती है. कुछ घटनाओं से देश भर के मुसलमानों और हिन्दुओ के उपर टिप्पणी करना बेहद गलत है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि उत्तर प्रदेश के जानेमाने डॉन मुख्तार अंसारी के चाचा हामिद अंसारी है. मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश के एक बाहुबली नेता भी है जो अधिकतर जेल में ही रहते है .देश में हुए कई आतंकवादी घटनाओं में लिप्त अधिकतर मुसलमानों के होने के बावजूद कोई नेता ने यह नही कहा कि देश का हिन्दू खतरें में है. देशमें अन्य जगहों पर हिन्दुओ पर हुए हमलें में किसी ने नही कहा कि हन्दू खतरें में है!. दरअसल खतरें में कोई नही है सब भाईचारे के साथ रह रहे है. लेकिन कुछ घटनाएं हो रही है जो अन्य घटनाओं की तरह ही है कानून अपना काम कर रहा है. इसमें देश के मुसलमानों और हिन्दुओ के डरने और बेचैनी की कोई बात ही है.