हामिद अंसारी, अब तक देश के उप-राष्ट्रपति पद की गरिमा बढ़ाने वाले एक ऐसा शख्स जिसने पद से हटते ही एक ऐसा बयान दे डाला जिसने ना सिर्फ केवल राजनीति जगत में बल्कि देश भर में लोगों को झकझोर दिया है. दरअसल उपराष्ट्रपति के तौर पर हामिद अंसारी का कार्यकाल अब गुरुवार यानी 11 अगस्त को समाप्त हो जायेगा, जिसके बाद देश के अगले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू होंगे.

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अपने कार्यकाल के आखिरी दिन हामिद अंसारी ने अपनी विदाई समारोह के दौरान कहा कि, “देश के मुसलमानों में बेचैनी और असुरक्षा का माहौल है.” वाकई इस बयान ने हर इंसान को कई तर्ज पर सोचने को मजबूर कर दिया है.

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अंसारी के द्वारा दिए गए इस बयान के बाद भाजपा और शिवसेना के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. उनको अंसारी का बयान नागवार गुजरा है. भाजपा नेताओं ने तो इस बयान को लेकर कहा कि ये उपराष्ट्रपति के पद की गरिमा के खिलाफ है वहीँ शिवसेना ने हामिद अंसारी के इस बयान पर और भी तीखी टिप्पणी दी है.

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बीजेपी ने हामिद अंसारी के इस बेहुदे बयान को लेकर कहा है कि हामिद अंसारी इस तरह के संवेदनशील शील मुद्दे पर बयान देकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं. हामिद अंसारी ने कहा था कि देश के अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिमों के अन्दर बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना रहती है.

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हामिद अंसारी द्वारा दिए गए इस तरह के बयान के बाद बीजेपी अंसारी से बेहद नाराज़ है. बीजेपी ने हामिद अंसारी को जवाब देते हुए कहा है कि अंसारी साहब आपको मालूम हो कि मुसलमानों के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं है और इसलिए आपको इन सभी तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए और देखें कि किस सरकार में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और महसूस भी करते हैं.

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वहीँ बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने हामिद अंसारी को जो खरी खोटी सुनायी है शायद ही अब इसके बाद अंसारी इस तरह की धार्मिक राजनीति दुबारा करें. मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘जिस वक्त उन्होंने यह बयान दिया है, यह उनकी मंशा को जाहिर करता है. इतना ही नहीं आगे बढ़ते हुए लेखी ने कहा कि हामिद अंसारी जब उपराष्ट्रपति के पद पर थे, तब उन्होंने इस मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा, और आज जब वह पद छोड़ रहे हैं तो वह दोबारा राजनीति में हाथ आजमाना चाह रहे हैं.

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तीन तलाक के मुद्दे पर पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा था कि यह एक सामाजिक बिचलन है कोई धार्मिक जरुरत नही है धार्मिक जरुरत स्पष्ट है. लेकिन सामाजिक रीत रिवाज़ इसमें घुसकर हालत कुछ ऐसी बना चुके है जो अत्यंत अवांछित है. कोर्ट को इस मामले में दखल नही देना चाहिए क्योंकि सुधार समुदाय के भीतर से ही होंगे”

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कश्मीर के मुद्दे पर हामिद अंसारी ने कहा था कि कश्मीर की समस्या एक राजनीतिक समस्या है इसका समाधान राजनीतिक तरीके से ही निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अन्दर एक तरह की शंका है जिस तरह के बयान उन लोगो के खिलाफ दिए जा रहे है. मैंने देश के कई हिस्सों से यह बात सुनी पर यह बात उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सुनने को मिलती है.अब सोचने वाली बात यह है कि क्या देश का मुसलमान सच में असुरक्षित है? क्या देश के मुसलमान सच में डरा हुआ है? क्या देश के उपराष्ट्रपति के पद पर रहकर भी उन्हें किसी तरह की शंका है?

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हामिद अंसारी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के मुस्लिम प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुसलमानों के लिए सारी दुनिया में हिन्दुस्तान से अच्छा कोई भी मुल्क नहीं है और मुसलमानों का हिंदुओं से बेहतर कोई दोस्त नहीं है. हुसैन के इस बयान से साफ़ हो जाता है कि एक मुस्लिम होते हुए उनको भारत में मुस्लिमों के लिए कोई असुरक्षा की भावना नहीं दिखती.