भारत में सड़कों और गड्ढों का एक अनोखा चोली-दामन का साथ होता है. इस बात से कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता की सरकार कौन सी है, उस सड़क को बनाने में लागत कितने की आई है या कुछ भी और. सड़के हैं तो गड्ढे भी होंगे ही. कभी जनता के हठ के सामने झुक कर इन गड्ढों की भरपाई कर दी जाती है तो कभी हर छोटे-बड़े सड़क हादसों को नज़रंदाज़ कर ये गड्ढे सड़क की शोभा बढ़ाने के लिए ज्यों के त्यों रहने दिए जाते हैं.

ऐसे में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भयावाड़ी गांव के पास घोड़ादेव में हनुमान मंदिर निर्माण के लिए हो रही खुदाई के दौरान एक ऐसा वाक्य सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया.

दरअसल बताया जा रहा है कि जिस वक़्त मंदिर के लिए खुदाई चल रही थी उस वक़्त जमीन के छह फीट नीचे एक बहुत प्राचीन शिवलिंग लोगों को नज़र आया. शिवलिंग मिलने की खबर जैसे ही लोगों को मिली वैसे ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने वहां पूजा-पाठ शुरू कर दी.

यही नहीं सड़क पर इस तरह से अचानक से शिवलिंग मिलना लोगों को हैरान करने के लिए काफी था. मिली जानकारी के अनुसार खुदाई से शिवलिंग मिलने के बाद मजदूरों ने आगे खुदाई का काम बंद कर दिया. बताया जा रहा है कि बालापाठा और इमारत उइके ने बताया घोड़ादेव में बने एक चबूतरे पर हनुमान जी की प्रतिमा बरसों से है.

ऐसे में अबतक मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने अब वहां हनुमान मंदिर बनाने का सोचा. मंदिर निर्माण के लिए जब वहां कॉलम के लिए 6 फीट गड्ढा खोदा जाना तो वहां से पुरातन काल का एक शिवलिंग मजदूरों को दिखाई दी. शिवलिंग को देखकर मजदूरों को पहले तो कुछ समझ नहीं आया लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने इसकी सूचना आस-पास के ग्रामीणों को दी.

शिवलिंग की खबर मिली तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई. बात हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि शिवलिंग मिलने की खबर आसपास के गांवों फैल गई और ग्रामीण दर्शन करने पहुंचने लगे हैं. इस शिवलिंग के बारे में जानकारों का कहना है कि शिवलिंग को देखने से ऐसा लगता है भैंसदेही के शिव मंदिर में रखी शिवलिंग की तरह है.

इस शिवलिंग के बारे में कहा जा रहा है कि यह शिवलिंग दशकों पुरानी है. ग्रामीणों का कहना है क्षेत्र में ऐतिहासिक धरोहर बिखरी पड़ी है, लेकिन इसे सहजने कोई कदम अब तक नहीं उठाए गए. इस मामले के सामने आते ही गांव के पूर्व सरपंच ने इसकी सूचना पुरातत्व विभाग को तत्काल ही दे दी थी हालाँकि दो दिन बाद तक कोई वहां नहीं पहुंचा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई शिवलिंग लेने नहीं आता है तो वे इसे मंदिर बनाकर स्थापित कर देंगे.