देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद से ही भारत को एक शशक्त देश बनाने की मुहिम चालू कर दी है. फिर बात करिए चाहे देश में नोटबंदी जैसे अहम् फैसले की या फिर मेक इन इंडिया जैसे महत्वपूर्ण कदम की. पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही सिर्फ और सिर्फ देश को प्रगति की राह पर ले जाने का काम किया है. ऐसे में अमेरिकी विशेषज्ञों ने हाल ही में भारत पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है.

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दरअसल, अमेरिका के एक प्रमुख थिंकटैंक के वरिष्ठ विश्लेषक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सुधार के बारे में बात करते हुए उनकी सरकार की तारीफ की है और कहा है कि उनके नेत्रत्व में भारत लगातार प्रगति कर रहा है.

 

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अमेरिकी थिंकटैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में वरिष्ठ सलाहकार और यूएस-इंडिया पॉलिसी स्टडीज में वाधवानी चेयर रिचर्ड एम रोसो ने कहा कि “घरेलू सुधारों और अन्य बाहरी कारकों के साथ विदेशी निवेश के लिये मोदी सरकार के खुलेपन के फलस्वरूप भारत में विदेशी निवेश में उछाल आया है”

 

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रोसो ने एक नीति पत्र में कहा, ‘‘इसके पूरे कार्यकाल पर नजर डालें तो मोदी सरकार भारत की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश व्यवस्था में अपने हाल के किसी भी पूर्ववर्ती के मुकाबले तेजी से उदारीकरण कर रही है.’’ रोसो के मुताबिक यह बिंदु खासतौर पर ध्यान देने लायक है कि बाजार समर्थक नीतियों को अपनाने के 25 सालों बाद भारत की विदेशी निवेश व्यवस्था 1990 के दशक की शुरुआत के मुकाबले कहीं ज्यादा खुली है.

 

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अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान भारत की विदेशी निवेश व्यवस्था में 29 बदलाव किये थे. मनमोहन सिंह सरकार के पहले कार्यकाल में इस व्यवस्था में 19 और दूसरे कार्यकाल के दौरान 18 बदलाव किये गये थे. रोसो ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने महज तीन साल से थोड़े ज्यादा वक्त में 37 क्षेत्रों में सुधार किये. यह ऐतिहासिक गति है.’’

 

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आपको बता दें डोकलाम में भारत और चीन के बीच युद्ध की हालत है और ऐसे में अमेरिका भारत का पूरा साथ दे रहा है. इतना ही नहीं अमेरिका ने भारतीय सेना को और भी आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है.

 

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चीन और भारत के बीच सभी जानते इस समय गहरी तनातनी चल रही है, दोनों ही देश डोकलाम में आमने-सामने हैं और कभी भी युद्ध हो सकता है. आपको बता दें जहां चीन लगातार अपनी सरकारी मीडिया में भारत के खिलाफ झूठ बोल रहा है वहीं पीएम मोदी ने अजीत डोभाल को चीन भेजकर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की थी.

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सभी जानते हैं युद्ध हुआ तो अमेरिका भारत का साथ देगा और यह बात खुद चीन ने भी मानी है लेकिन युद्ध होने से पहले भारत का मजबूत होना बहुत जरूरी है. वैसे तो डोकलाम में भारत चीन से कई अधिक मजबूत है और युद्ध में चीन को आसानी से हरा सकता है.

 

इस बीच एक ऐसी खबर आई है जिसे जानकर आप सभी बहुत खुश हो जाएंगे, दरअसल भारतीय सीमा को और भी मजबूत बनाने के लिए अमेरिका ने भारत का साथ देने का फैलसा किया है. यहाँ सेना को मजबूत बनाने से मतलब है कि उसे और आधुनिक किया जाएगा.

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अमेरिकी  कमांडर का दावा..

खबरों की माने तो अमेरिका के यूएस पैसिफिक कमांड के कमांडरऐडमिरल हैरिस ने कहा, ‘हम मालाबार सैन्य अभ्यास श्रृंखला में कई सालों से इंडिया के पार्टनर हैं. मैंने सबसे पहले सैन्य अभ्यास में हिस्सा भी लिया था जो 1995 में हुआ था.’ उन्होंने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि जापान भी अब मालाबार सैन्य अभ्यास का हिस्सा है. ऑस्ट्रेलिया के भी अभ्यास में हिस्सा लेने की वकालत करते हुए ऐडमिरल हैरिस ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि भारत, जापान और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय संबंध बहुत ही अहम हैं.’

 

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ऑस्ट्रेलिया भी करेगा मदद ! 

ऐडमिरल ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हम साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को अभ्यास में शामिल कर सकते हैं. इसमें फायदा है. हिंद महासागर में भारत और अमेरिका के बीच कई साझा हित जुड़े हुए हैं. लेकिन वास्तव में यह फैसला भारत को लेना है उसके बाद बुलावा दिए जाने पर ऑस्ट्रेलिया को शिरकत को लेकर फैसला लेना है. मैं इसका फैसला इन दोनों देशों पर छोड़ूंगा.’