तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अधिकतर लोग इसका सम्मान कर रहे है. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग है जो अंदर ही अंदर जल रहे है. मुस्लिम महिलायें जो तीन तलाक से पीड़ित थी उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए मिठाइयाँ बांटी. कई संगठनो ने मुस्लिम महिलाओं को शुभकामनाएं भी दी. हमारे देश में ना जाने कितनी ऐसी महिलायें है जो तीन तलाक का दर्द झेल रही है. तीन तलाक पर फैसला आने के बाद अधिकतर लोगो ने जहां इसकी तारीफ़ की वहीँ कुछ लोग ऐसे भी है जो इस फैसले पर सवाल उठा रहे है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने इस फैसले पर खुशी जताई और आगे चलकर कानून बनाने की जिम्मेदारी से भी अवगत कराया. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सबसे विवादित नेता और अखिलेश सरकार के सबसे कद्दावर मंत्री आजम खान ने भी तीन तलाक पर आये फैसले पर अपनी प्रतिक्रया दी है. उन्होंने इस बार भी हमेशा की तरह अजब- गजब बयान दिया.

आजम खान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के अलावा जनता की भी अदालत है.लोकतांत्रिक देश में जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है.उम्मीद है की सरकार कानून सबकी सम्मति से बनाएगी. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्मंत्री ने भी फैसले का स्वागत करते हुआ कहा कि यह फैसला एतिहासिक है,इससे न केवल न्याय मिला है, बल्कि महिलाओं का सशक्तिकरण भी हुआ है। हम इसका स्वागत करते हैं।”

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आपको बता दें की योगी सरकार ने भी तीन तलाक के मुद्दे पर महिलाओं का पक्ष रखा था.योगी सरकार में मत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला एतिहासिक है.भारत के धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन इसकी परिभाषा को बिगड़ा गया है.अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अब यह असंवैधानिक करार दिया जा चूका है.

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उनके अनुसार प्राधानमंत्री और बीजेपी का मत रहा है कि लिंग के आधार पर भेदभाव नही होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इसे एतिहासिक फैसला बताया है. बीजेपी  के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस फैसले को एतिहासिक बताते हुए कहा की यह बदलते हुए भारत की तस्वीर हैं. समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि संसद में राय-मशविरा से सरकार अच्छा कानून बनाएगी.

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आपको बता दें देश के कई हिस्सो से महिलायें सामने आई जो तीन तलाक से पीड़ित थी. जिन्हें उनके पति ने कहीं तीन बार तलाक बोल कर तलाक दे दिया तो कभी फ़ोन पर तलाक बोल दिया और कहीं तो व्हाट्सएप भी तलाक दिया जा चूका है. इस से पीड़ित महिलाओं ने सरकार के सामने गुहार लगाई और इन्साफ की मांग की थी.

इसी अन्याय के खिलाफ जब सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया जिसके बाद कई बार सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने  फैसला सुनाते सुनाते हुए तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया. जिसके बाद अब देखने वाली बात यह है कि सरकार कब इसको लेकर कानून  बनाएगी.