बीते कई दिनों से देश में तीन तलाक़ का मुद्दा सुर्ख़ियों में बना हुआ था. ना जाने ऐसे कितने मामले सामने आये जिसमे तीन तलाक़ के चलते महिलाओं की हालत इतनी बदतर हो चुकी थी जिसे देखकर सबने यही माना कि अब देश में तीन तलाक़ का चलन बिलकुल ही बंद हो जाना चाहिए. ऐसे में मुस्लिम महिलाओं की ऐसी स्थिति को देखकर पीएम मोदी ने इस मुद्दे का जल्द-से-जल्द हल निकालने का हमेशा ही भरोसा दिया.

यहाँ पढ़िए कैसे मौलाना को महिलाओं ने लाइव डिबेट में ही सुना दी खरी-खोटी 

इन सारी जद्दोजहद के बाद आखिरकार कोर्ट ने 22 अगस्त को इस मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए एक ऐसा कदम उठाया है जो मुस्लिम महिलाओं के लिए बड़ा ही कारगर साबित होगा. सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के हक़ में फैसला सुनाते हुए उन मौलवियों को करारा तमाचा जड़ा है जो धर्म के नाम पर अपनी राजनीति चमकाते थे.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में हुई तीन तलाक पर सुनवाई पर 5 जजों में से 2 जज CJI खेहर और जस्टिस नजीर ने इसपर राय रखते हुए कहा था कि “हम तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित नही कर सकते, लेकिन किसी के साथ अन्याय न हो इसलिए सरकार को इसके लिए कानून बनाना होगा. तीन तलाक पर हम 6 महीने के लिए रोक लगाते हैं.”

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वहीं आपको बता दें कि इस मुद्दे पर तीन जज तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने के पक्ष में रहे और सरकार को इस पर कानून बनाने की सलाह दी. जिस तरीके से इस मुद्दे पर लोगो को फैसले का बेसब्री से इंतजार था उस हिसाब से इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है.

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सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर फैसला सुनाते हुए “तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगाते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि वो इसपर कानून बनाये.” आपको बता दें कि 5 जजों की बेंच ने इस अहम् मुद्दे पर फैसला सुनाया है.

सबसे खास बात ये है कि SC ने कहा कि “अगर तीन तलाक पर केंद्र सरकार 6 महीने में कोई कानून नही बना पाती है तो तीन तलाक पर रोक जारी रहेगी.”

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लाइव शो में ओवैसी ने महिला एंकर से कहा, “आप मुझे जोश मत स‍िखाइए, दम है तो मोदी से…”

जहाँ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम महिलाओं की ख़ुशी सातवें आसमान पर है वहीँ दूसरी तरफ मानो इस फैसले पर मौलाना और ख़ुद को धर्म के ठेकेदार मानने वाले धर्मगुरुओं को तो सांप ही सूंघ गया हो. इसी बीच एक शो पर जब तीन तलाक़ के मुद्दे पर बहस चल रही थी तभी इस फैसले से बौखलाए ओवैसी और शो की एंकर चित्रा त्रिपाठी के बीच गहमागहमी हो गयी.

 

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दरअसल शो था एबीपी न्‍यूज की तरफ से जहाँ एबीपी की एंकर और AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी के बीच बहस बढ़ते-बढ़ते इस कदर बढ़ गयी कि इसका वीडियो अब फेसबुक पर वायरल हो गया है. बताया जा रहा है कि इस वायरल वीडियो को अब तक करीब 6 लाख बार देखा जा चुका है.

देखिये वीडियो:

जानकारी के लिए बता दें कि इस डिबेट के दौरान जब एंकर चित्रा ने ओवैसी से कहा कि ये मौका खुश होने का है. ये महिलाएं जो मुस्लिम समुदाय से ताल्‍लुक रखती हैं, आप आज जरा इनके बारे में भी तो सोचिए. ओवैसी साहब मैं सिर्फ इतना कह रही हूँ कि अगर उनको न्‍याय मिला है तो आप इनके बारे में भी दो बोल बोलें. आप हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हैं, मोदी सरकार को घेरते हैं, सबके ऊपर कड़ी टिप्‍पणी करते हैं, मगर आज अगर खुशी का मौका है तो वो खुशी दिखनी भी तो चाहिए, है ना?

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जिसके जवाब में ओवैसी ने कहा कि, “बिल्‍कुल, लेकिन आप ये बताइए मैं अपनी खुशी दिखाने के लिए क्या करूँ? बताइए आपके पास खुशी का पैमाना क्‍या है? क्‍या अब मुझे देशभक्ति, खुशी सब आप लोगों से सीखना पड़ेगा? जिसका जवाब देते हुए एंकर ने कहा कि, नहीं सर आपको कुछ सीखने की ज़रूरत तो नहीं है.

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जिसपर ओवैसी ने कहा कि, “आप बताइए, आप वजीर-ए-आजम (पीएम मोदी) से पूछिए कि उनकी बीवी उनके घर में क्‍यों नहीं रह रही है? उस औरत के हक का क्‍या होगा? अब आप देखिए कि आप चेहरे का रंग किस तरह बदल जाता है. पूछते क्‍यों नहीं हैं आप? सबसे बड़ा मसाला बेवाओं का है.

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खैर इस तरह से सार्वजनिक मंच पर कई बार देखा गया है कि इस तरह की तीखी बहस होती ही रहती हैं और लोग हमेशा से ही विपक्ष पार्टियों पर निशाना साधते ही रहते हैं. मानों केवल वे ही सही हैं बाकी तो सब गलत हैं. हर जगह सभी को बस अपनी राजनीतिक रोटियां सेकनी होती हैं बाकी चाहे आम जनता उनके बयानों से बर्बाद हो जाए उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है. फर्क तो इनके जैसे धर्म के ठेकेदारों को तब पड़ता है जब मामला उनके खुद के घर का होता है.

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वैसे भी आज कल मीडिया पैसों का ठेकेदार हो गया है वो भी वो ही दिखाता है जो उसे दिखाने को कहा जाता है बाकी अगर हम पत्रकारों की बात करें तो वे लोग भी एक कटपुतली की तरह अपना रोल प्ले करते हैं. कई बार पत्रकार वो बात नहीं कह पता जो उसे कहनी होती है, जिसके लिए सबसे बेस्ट तरीका होता है  सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी बात तो सभी के सामने रखना.

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ठीक इसी तरह इस बार एबीपी न्‍यूज की जाबाज़ और जुझारू एंकर चित्रा त्रिपाठी ने भी फेसबुक का सहारा लेते हुए AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी को करारा जवाब दिया है. जी हाँ असल में ट्रिपल तलाक के बहाने असदुद्दीन ओवैसी नरेंद्र मोदी पर जो निशाना साध रहे थे. जो कि चित्रा त्रिपाठी को पसंद नहीं आया उनका मानना था कि इतने अहम मुद्दे पर भी ओवैसी मोदी को बीच में क्यों लाये ताकि मुद्दे से भटका सकें?

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आपको बता दें कि चित्रा त्रिपाठी लाइव डिबेट पर राष्ट्रीय चैनल होने की वजह अपनी बात नहीं रख पाई थीं तो शायद पूरे समय उनके दिमाग पर बात छाई रही होगी. इसलिए चित्रा त्रिपाठी ने बिना समय गवाएं अपने घर पहुचते ही एक फेसबुक लाइव किया और उस लाइव का टाइटल रखा ” तीन तलाक के खात्मे पर मोदी विरोध क्यूं “ ?

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चित्रा त्रिपाठी ने अपने पक्ष में करीब साढ़े सात मिनट का वीडियो बनाया होगा. जिसमें उन्होंने कहा है कि लीजिये तीन तलाक जैसे बड़े और अहम मुद्दे पर जहाँ दुनिया भर की महिलाएं खुश हैं उसको लेकर मोदी विरोध शुरू हो गया है. अब यह बात समझ नहीं आ रही कि इस मुद्दे में मोदी जी कहा से बीच में आ गए. बल्कि इन धर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि मोदीजी ने खुद 15 अगस्त के मौके पर लालकिले की प्राचीर से महिलाओं के हक की आवाज उठाई थी.

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करीब साढ़े सात मिनट के वीडियो में चित्रा अपना पक्ष रखते हुए कहती हैं, ”तीन तलाक को लेकर मोदी विरोध शुरू हो गया है। अब ये बात समझ से परे है कि इसमें मोदीजी कहां से आ गए। मोदीजी ने 15 अगस्‍त को लालकिले की प्राचीर से महिलाओं के हक की आवाज उठाई थी.

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चित्रा यहीं रुकी उन्होंने कहा कि आज तीन तलाक के मुद्दे पर मेरी असदुद्दीन ओवैसी साहब से लाइव बातचीत हुई .तो ओवैसी साहब का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मुसलमानों पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि अब हिन्दुओं की सरकार है इसलिए हिंदुत्व की बात करते हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसलिए अब एक और नया मुसलमानों पर अत्याचार का शगूफा छोड़ दिया गया है.

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चित्रा कहती हैं आज 1400 सालों बाद मुस्लिम महिलाओं के हित में कोई फैसला आया है उसमें भी मुझे बहुत  हैरानी होती है कि हमारा मुस्लिम बुद्धिजीवी वर्ग केवल कुछ कुतर्क के जरिए अपनी बातों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।

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चित्रा त्रिपाठी ने केवल मुस्लिम धर्म की ही बात नहीं कही बल्कि उन्होंने तो हिन्दुओं में होती आई कुरेतियों की भी बात कही है. पर उन्होंने कहा कि हमारे हिन्दू धर्म में भी अगर कहीं कुछ गलत होता है तो सरकार उसको बदलने की कोशिश करती हैं और लोग भी उस बदलाव में साथ देते हैं लेकिन आज मुसलमानों के धर्मगुरु और ठेकेदारों के चेहरे पर वो ख़ुशी नहीं दिखाई दी. आज मानों उनके चेहरे की हंसी-ख़ुशी ही कहीं गायब हो गई हो. आपको बता दें कि चित्रा त्रिपाठी ऐसी पत्रकार हैं जो हमेशा महिलाओं के हित के लिए अपनी आवाज़ उठाती आई हैं इससे पहले भी वो देश की बेटियों के नाम पर आ रहे एक शो “बेटियां” पर भी देश की बेटियों को देश से मिलवाती थीं ताकि दुनिया को मालूम हो सके कि देश की बेटियां क्या-क्या कर सकती हैं.

 

यहाँ देखें वीडियो-

तीन तलाक के खात्में पर मोदी विरोध क्यूं ?

Posted by Chitra Tripathi on 2017 m. rugpjūtis 22 d.