नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा इस वक़्त अपने पांच दिवसीय दौरे पर भारत यात्रा पर आए हुए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को नई दिल्‍ली पहुंचे देउबा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से राष्‍ट्रपति भवन में मुलाकात की. जानकारी के लिए बता दें कि शेर बहादुर देउबा ने जून में ही पद संभाला हैं ऐसे में ये उनका पहला विदेशी दौरा है.

बताया जा रहा है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई इस बैठक में कई द्विपक्षीय व बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही साथ गुरुवार को हुई इस बैठक में भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए हैं.सूत्रों के मुताबिक इन समझौतों में से चार नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण से संबंधित हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दोनों देशों के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई इस प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद ट्वीट कर जानकारी दी कि, “सहयोग के नए तंत्रों की स्थापना. भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते.”

बताते चलें कि भारत ने नेपाल में अप्रैल 2015 को आए भूकंप के बाद नेपाल में पुनर्निर्माण कार्यो के लिए एक अरब डॉलर देने की इच्छा जताई थी. इन्ही समझौतों पर हस्‍ताक्षर करने के बाद जब नेपाली प्रधानमंत्री मीडिया को संबोधित कर ही रहे थे तो अचानक उन्‍हें खांसी आ गई. इसके पहले कि लोगों को कुछ समझ आता विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज एक बेहतरीन मेजबान की भूमिका निभाते हुए पानी का गिलास लेकर उनकी ओर बढ़ गई.प्रधानमंत्री देउबा ने पानी पिया, मुस्कुराये और सुषमा को धन्‍यवाद कहकर भाषण आगे बढ़ाया. भाषण से पहले उन्होंने कहा कि इस बात के लिए खेद है दरअसल मेरा गला ख़राब है. सुषमा स्वराज ने जिस तरह से फुर्ती दिखाते हुए जिस तरह से प्रधानमंत्री देउबा की तरफ पानी का गिलास बढ़ाया इस बात को देखकर स्टेज पर ही मौजूद पीएम मोदी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पाए थे.

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नेपाली पीएम शेर बहादुर देउबा ने गुरुवार को भारत और नेपाल के बीच दो नई बिजली संचरण लाइनों का भी उद्घाटन किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि, “हम दोनों साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. दोनों नेताओं ने कटिया-कुशाहा और रक्सौल-परवानीपुर संचरण लाइनों का उद्घाटन किया.” पीएम मोदी और देउबा दोनों ने मिलकर रिमोट से इन दोनों लाइनों का शुभारंभ किया. अबतक मिली जानकारी के अनुसार इनमें से प्रत्येक की क्षमता 132 किलोवाट है.